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पिंजरे में कैद कर रखी थी जंगल की चहचहाहट, सूचना मिलते ही पुलिस ने लिया एक्शन तो आजाद हुई 383 जिंदगियां

Published: Wed, 23 Sep 2026 10:27 PM (IST)

वन विभाग ने कुशीनगर के तमकुहीराज क्षेत्र से 383 तोतों को तस्करों के चंगुल से छुड़ाया, जिन्हें पश्चिम बंगाल ले जाने की तैयारी थी।

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HighLights

  1. कुशीनगर में 383 तोते तस्करों के कब्जे से छुड़ाए गए।

  2. पश्चिम बंगाल में बेचने की थी अवैध रूप से तैयारी।

  3. वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।

जागरण संवाददाता, कुशीनगर। तस्करी के लिए पकड़ कर रखे गए 383 तोतों को वन विभाग की संयुक्त टीम ने बुधवार को सुरक्षित रेस्क्यू कर कब्जे में ले लिया। वहीं मौके से फरार तस्कर की तलाश में वन विभाग की टीमें छापेमारी कर रहीं हैं।

ताेतों को यहां से पश्चिम बंगाल ले जाने की तैयारी थी, जहां एक हजार से 15 सौ रुपये में इनको आसानी से बेचा जाता है। 22 दिन पूर्व नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के अकबरपुर के टोला बड़वाछापर में पकड़े गए तस्कर से मिली सूचना के आधार पर टीम ने छापेमारी कर यह सफलता पाई।

यह है पूरा मामला

वन विभाग को सूचना मिली कि तमकुहीराज रेंज के गांव गोड़इता श्रीराम में अवैध रुप से पकड़ कर बड़ी संख्या में तोतों को रखा गया है। टीम ने उच्चाधिकारियों को यह जानकारी दी। मामला संज्ञान में आते ही जिला प्रभागीय वनाधिकारी ने क्षेत्रीय वन अधिकारी तमकुहीराज तथा प्रवर्तन दल की संयुक्त टीम गठित कर कार्रवाई के निर्देश दिए।

टीम ने देर शाम को गांव के विजय गोड़ के घर में छापेमारी की। इस दौरान एक जालीनुमा कमरे में छिपाकर रखे गए ताेतों की खेप पकड़ी। जांच पड़ताल में तोतों की संख्या 383 पाई गई, जो अलग-अलग प्रजाति के हैं। छापेमारी के दौरान मकान मालिक फरार हो गया। उसकी तलाश में दो टीमें लगाईं गईं हैं।

टीम ने तोतों की सुरक्षित रेस्क्यू कर पडरौना रेंज को सुपुर्द कर दिया। जिला प्रभागीय वनाधिकारी वरूण सिंह ने बताया कि 22 दिन पूर्व नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के गांव अकबरपुर के टोला बड़वाछापर में दो सौ से अधिक तोतों का सुरक्षित रेस्क्यू कर तस्कर मोहम्मद मुबारक को गिरफ्तार किया गया था।

पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर गोड़इता श्रीराम में छापेमारी की गई। मामले में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत मामला दर्ज कराया गया है। वन विभाग की टीम वन्यजीवों के अवैध व्यापार, शिकार या तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।