कुशीनगर: विशुनपुरा ब्लाक के बरवा पुर्दिल गांव के 200 परिवारों को आवास की दरकार है। सड़क, जलनिकासी, शौचालय, पेंशन समेत अन्य सुविधाओं से गांव का एक समूह अभी दूर है। इनका कहना है कि विभागीय अधिकारी हमारी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

जिला मुख्यालय पडरौना से 12 किमी दूर स्थित बरवा पुर्दिल गांव जड़हा, बरवा, पचफेड़ा व बिचला टोला में बंटा है। यहां लगभग 550 परिवार रहते हैं। 180 को ही आवास का लाभ मिला है। दुर्गावती देवी, मोहम्मद समीम, राहुल, उदभान, सलमा, मैनुद्दीन, जयराम आदि ने कहा कि परिवार झोपड़ी में गुजर-बसर करता है। पात्र होते हुए भी आवास का लाभ नहीं मिला। 103 लोगों को पेंशन मिलती है, जमीला, ऐसुन नेशा, तहरुन नेशा, सलमा, मुनेश्वर, चंपा, राजनाथ, बालगोविद आदि का कहना है कि कई बार आवेदन किए, लेकिन पेंशन स्वीकृत नहीं हुई। गांव में 32 इंडिया मार्क हैंडपंप लगाए गए हैं। उनमें से 12 खराब पड़े हैं और कई दूषित जल दे रहे हैं। मजबूरी में देसी हैंडपंप का पानी पीना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत 160 शौचालय का निर्माण कराया गया है। उनमें 50 बदहाल हैं। सफाई न होने से नालियां गंदगी से पटी हैं। गांव से गुजरी सड़क की पुलिया का अप्रोच नहीं बनाए जाने से दुर्घटनाएं होती रहती हैं। घरों से निकलने वाले पानी को इकट्ठा करने के लिए 12 सोख्ता का निर्माण शुरू हुआ था, लेकिन सब अधूरे पड़े हैं। ग्राम प्रधान विनोद कुशवाहा ने बताया कि सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित पात्रों की सूची उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। अब तक बहुत सारे पात्रों को योजनाओं का लाभ मिल चुका है।

अनुज मलिक, सीडीओ ने बताया कि विधानसभा चुनाव के बाद दिखवाया जाएगा कि गांव के पात्रों को योजनाओं का लाभ क्यों नहीं मिला। प्रत्येक पात्र को हर हाल में लाभान्वित कराया जाएगा।

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