कुशीनगर : मंगलवार को मानवाधिकार दिवस पर संविधान प्रदत्त मानवीय हक को जानने, समझने व उनके प्रति सतर्क होने के लिए जनपद में हुए विविध आयोजनों में छात्रों, आम लोगों को जागरूक किया गया। छात्रों ने शपथ लेकर मानवाधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया।

मानवाधिकार दिवस पर नगर स्थित हनुमान इंटर कालेज में छात्र छात्राओं ने अधिकार की रक्षा का संकल्प लिया। प्रतिज्ञा लेते बच्चों में काफी उत्साह दिखा। प्रधानाचार्य शैलेंद्र दत्त शुक्ल ने शपथ दिलाने के पूर्व कहा कि संविधान में मानवीय अधिकारों की रक्षा के विशेष प्रावधान है। जब तक इनकी मुकम्मल जानकारी न होगी समाज में जागरूकता नहीं आएगी। उन्होंने कहा सभी बच्चे मानवाधिकार धर्म का पालन ईमानदारी एवं निष्ठा से करें तो निश्चित ही बदलाव आएगा। उन्होंने कहा मानवाधिकार आपसी सौहार्द की व्यापकता को बरकरार रखता है। इस दौरान युवा कवि अनूप मिश्र, राकेश त्रिपाठी, अनिल शुक्ल, कलम प्रसाद कुशवाहा, जगत नारायण शुक्ल, शिव प्रसाद मिश्र, राजेश तिवारी, फसीहुज्जमा, नागेंद्र मिश्र, अरुण चौबे, नवनीत मिश्र, सुजीत पांडेय, मनोज शर्मा, मनोज मणि, कैलाश पति, जयराम सिंह, राहुल मिश्र आदि मौजूद रहे।

हक के लिए कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन

डा. राजेंद्र प्रसाद फाउडेंशन के तत्वावधान में मानवाधिकार दिवस पर हक की मांग करते हुए कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया गया।

मंडल प्रभारी रघुवंशी विशाल गोविंद राव ने कहा पुलिसिया उत्पीड़न की शिकार यहां की गरीब जनता हो रही है। कुशीनगर में महिलाओं के उत्पीड़न की घटनाओं में पुलिस सबसे आगे है। कुशीनगर में की मांग कर रही महिलाओं का बाल पकड़कर पुलिस द्वारा जलील करना इसका ज्वलंत उदाहरण है। वृज किशोर मिश्र, डा. इंद्रजीत शर्मा ने मानवाधिकार दिवस के गिरते स्तर पर चिंता जाहिर करते हुए इसकी रक्षा के प्रति आम लोगों को जागरूक रहने की अपील की। उपाध्यक्ष सोबराती अली व विजय गुप्ता ने प्रशासन व पुलिस अफसरों को चेताया कि मानव अधिकारों की रक्षा न होने पर संगठन आंदोलन करने को विवश होगा। इस दौरान सत्य प्रकाश वर्मा, सोबराती अली, रमेश शर्मा, रामाश्रय पटेल आदि मौजूद रहे।

संवेदनहीन प्रशासन से उपेक्षित पीड़ित

भारतीय जनता पार्टी मानवाधिकार प्रकोष्ठ के जिला संयोजक डा. संजय मिश्र ने कहा कि भ्रष्ट तंत्र व पस्त नेतृत्व के कारण पीड़ितों के आत्म हत्याओं का सिलसिला बढ़ गया है।

डा. मिश्र मंगलवार को मानवाधिकार दिवस पर मनुष्य के नैसर्गिक अधिकार और बढ़ती चुनौतियां विषयक गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा पुलिस अपराधियों को पकड़ने की बजाय विवेचना की खानापूर्ति कर रही है। इसमें निर्दोषों को मुकदमा में फंसाया जा रहा है। उन्होंनें कहा संविधान अधिकारों की रक्षा और सुरक्षा का अधिकार दिया है। यह राज्य के दायरे में आता है। संचालन कर रहे महेंद्र प्रजापति ने कहा मनुष्य की गरिमा भारतीय संविधान की प्रस्तावना का प्रमुख विषय है। सह संयोजक योगेश उपाध्याय ने कहा पुलिसिया बर्बरता से निर्दोष नाहक में परेशान व उत्पीड़ित हो रहे हैं। इस दौरान प्रकोष्ठ के पदाधिकारी, कार्यकत्र्ता, शिक्षक व छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

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