जागरण संवाददाता, कौशांबी : डायट से दो वर्षीय डीएलएड का प्रशिक्षण ले रहे छात्रों को गांव का सर्वे करना था। इसके लिए डायट से 60 प्रशिक्षुओं का दल 30 गांव में भेजा गया। इन प्रशिक्षुओं को गांव के शैक्षणिक स्तर के साथ ही विद्यालय का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट डायट में देना था। सोमवार को सर्वें के दूसरे दिन प्रशिक्षुओं ने परिषदीय विद्यालय की व्यवस्थाओं का अध्ययन किया।

परिषदीय विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता की जांच के लिए डायट से प्रशिक्षण ले रहे डीएलएड के छात्रों को जिले के आठों ब्लाक में भेजा गया। वहां उन्होंने गांव के साथ ही प्राथमिक विद्यालय का भी सर्वें किया। इस दौरान प्रशिक्षुओं ने गांव के लोगों को शिक्षा के प्रति जागरुक करते हुए अपनी रिपोर्ट तैयार की है। मूरतगंज ब्लाक के मारुफपुर गांव में सर्वें कार्य के लिए गए भुवन साहू ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के एक वर्ग विशेष के लोगों में आज भी शिक्षा को लेकर उतनी ललक नहीं है। जितनी की समाज के दूसरे वर्ग के लोगों में है। बताया कि गांव के लोगों के बीच अभी और जागरूकता लाने की जरूरत है। बताया कि दो दिनों के सर्वें कार्य के दौरान उन्होंने 20 परिवार के लोगों का अध्ययन किया है। कई परिवार के लोगों की सोच तो बेहतर है, लेकिन कुछ परिवार के लोगों में आज भी शिक्षा के प्रति कम लगाव है। उन्होंने विद्यालय की व्यवस्था व शौचालय आदि का सर्वें भी किया।

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