कौशांबी। 51वीं शक्तिपीठों में एक कड़ा धाम भी है। इस धार्मिक स्थल से प्रदेश व गैर जनपद के लोगों की आस्था जुड़ी है। मां शीतला का नवरात्र अष्टमी पर बुधवार की रात भव्य श्रृंगार कर छप्पन प्रकार के बने व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। मातारानी के दिव्य स्वरूप के दर्शन व पूजन के लिए रात में सैकड़ों भक्त पहुंचे। विधिवत पूजा अर्चना कर जयकारे लगाए। जिसकी वजह से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया।

कड़ा धाम में शारदीय नवरात्र पर धार्मिक मेले का आयोजन चल रहा है। गैर जनपदों व दूसरे प्रांतों से हजारों श्रद्धालु हर दिन पहुंच कर 51 शक्तिपीठों में से एक मां शीतला के दर्शन पूजन करते है। धाम की परंपरा के अनुरूप अष्टमी तिथि को बुधवार की मध्य रात्रि मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा माता रानी के दरबार की साफ सफाई कराने के बाद विभिन्न प्रकार के रंग-बिरंगे फूलों से मंदिर को सजाया गया। पुजारी विनोद कुमार ने मां शीतला की प्रतिमा को रेशमी वस्त्र पहना चुनरी ओढ़ाकर फूल, माला सुगंधित इत्र लगा कर सोलह श्रंगार किया गया। इसमें हजारों श्रद्धालु धाम पहुंचे। मां का दिव्य स्वरूप को देख सभी भक्तों ने धूप, दीप, नावेद अर्पित कर पूजा किया। घंटा घड़ियालों के साथ मां के दिव्य शुरू की आरती उतारी गई। भक्तों ने जयकारे लगाए जिसकी गूंज से क्षेत्र का माहौल भक्तिमय हो गया। आरती पूजा के बाद माता रानी को 56 प्रकार से बने पकवानों का भोग लगाया गया और उसके बाद भक्तों में प्रसाद का वितरण किया गया। नवरात्र पूर्व के अंतिम दिन हजारों श्रद्धालुओं ने कड़ा धाम में पहुंचकर मां शीतला का दर्शन पूजन कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान धाम आए श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसर में महिला व पुरुष पुलिस की तैनाती की गई थी। सभी श्रद्धालुओं ने शक्ति के नवमी स्वरूप मां सिद्धिदात्री का पूजन कर जीवन के सभी मनोरथ सिद्ध होने का वरदान मांगा।

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