संसू, कसेंदा : सभी को शौचालय का लाभ दिलाने का दावा करने वाला जनपद ओडीएफ घोषित हो चुका है, लेकिन इसमें कितनी सच्चाई है, इसका जीता-जागता उदाहरण चायल तहसील क्षेत्र के चौराडीह गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में ही देखने को मिला। शिकायत के बावजूद मरम्मत नहीं कराई जा रही है। खराब शौचालय व गंदगी होने के कारण नौनिहालों को शौच के लिए खुले में जाना पड़ रहा है।

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत अभियान चलाकर कस्बा व गांव में शौचालय का निर्माण कराया गया। साथ ही लोगों को जागरूक किया गया कि खुले में शौच न करें। इससे हमारा गांव व कस्बा स्वच्छ बना रहेगा। इसके बावजूद जिम्मेदारी की लापरवाही शासन की मंशा को मुंह चिढ़ा रही है। दैनिक जागरण की टीम ने सोमवार को बीआरसी चायल के चौराडीह गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय की पड़ताल की तो स्पष्ट हुआ कि वहां का शौचालय काफी दिनों से बदहाल है। मल व कूड़ा करकट से पूरी तरह पटा है। शौचालय के आसपास भी गंदगी फैली हुई है। इससे बच्चे शौचालय का उपयोग नहीं कर पाते। इतना ही नहीं, सफाई न होने से विद्यालय परिसर में भी गंदगी फैली हुई है। इससे स्कूली बच्चों को गंदगी के बीच पढ़ाई करना पड़ रहा है। स्कूल की साज-सज्जा, रंगाई, पुताई व शौचालय के लिए लाखों रुपये की धनराशि पहले ही खर्च की जा चुकी है। इसके बावजूद यह हाल है।

Posted By: Jagran

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