कसेंदा : एक- एक वोट प्रत्याशियों के लिए बहुत ही कीमती होती है। एक वोट उम्मीदवारों का भाग्य बदल देता है। सालों से अपनी जीत हासिल करने के लिए उम्मीदवार लगातार प्रयास करते हैं, लेकिन वोटिग के बाद मतगणना के समय एक वोट प्रत्याशियों की सालों की मेहनत पर पानी फेर देता है।

रविवार को चायल विकास खंड के जलालपुर शाना गांव में हुई वोटिग में एक बेटी ने साबित कर दिखाया है। वह 30 किमी का सफर तय वह अपने पति संग पोलिग बूथ पहुंची और मतदान किया। चायल तहसील के जलालपुर शाना ग्राम सभा की ग्राम प्रधान के लिए एससी के लिए सीट आरक्षित हुई है। जहां से 22 प्रत्याशी अपना भाग्य आजमाने के लिए मैदान में उतरे चुनाव चिह्न मिलने के बाद वोटिग होने के तीन दिन पहले प्रत्याशी सुनील कुमार की आकस्मिक मौत हो गई। जिसके बाद अधिकारियों द्वारा चुनाव स्थगित कर दिया गया। नए सिरे से चुनाव की तारीख निर्धारित की गई। जिसमें मृतक सुनील कुमार की पत्नी रीता देवी ने चुनाव लड़ने का फैसला किया। रविवार को जिले में पांच सीटों पर चुनाव हुआ। इस बीच वोटिग करने पहुंची शटई के मजरा जलालपुर शाना गांव निवासी रमेश पाल की बेटी मनीषा। बताया कि पहली बार मतदाता सूची में उसका नाम शामिल किया गया। इसे लेकर वह काफी खुश थी। वोटिग करने को उसके मन में काफी उत्साह था और मतदान के पहले ही 26 अप्रैल को उसकी शादी करारी के मुंगौरा गांव निवासी अमर सिंह के साथ हो गई। रविवार को चल रही वोटिग में शामिल होने के लिए वह सुबह से ही वोटिग करने के लिए उत्सुक थी। ससुराल से मनीषा अपने पति अमर सिंह के साथ जलालपुर शाना पोलिग बूथ पर पहुंची और मतदान किया। मनीषा का वोटिग करने की उत्सुकता देखकर गांव के लोगों में एक वोट की कीमत का अंदाजा हुआ। और लोगों में भी अपने बहुमूल्य मत को लेकर काफी जागरूकता दिखी।