संसू, चायल : विकास खंड चायल के कसेंदा गांव से नूरपुर हाजीपुर को जोड़ने वाली करीब पांच किलोमीटर की सड़क का दो साल पहले ही नवीनीकरण हुआ था। लगभग 25 लाख की लागत वाली यह सड़क बनने के दो साल के अंदर ही ध्वस्त हो गई। अब लोगों को टूटी सड़क से सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने सड़क मरम्मत किए जाने की मांग की है।

विकास खंड चायल के कसेंदा गांव से बलहेपुर होते हुए नूरपुर हाजीपुर गांव को जोड़ने वाली पांच किलोमीटर सड़क का दो साल पहले 25 लाख रुपये से मरम्मत कार्य कराया गया। अक्टूबर 2019 में सड़क का नवीनीकरण पूरा हो गया। लोगों का आरोप है कि ठेकेदार ने सड़क बनाने में गड़बड़ी कर दी। सड़क निर्माण में डामर मिलाने में कटौती की गई है। साथ ही बलहेपुर गांव में करीब दस मीटर सड़क व नाली निर्माण नहीं हुआ। इससे लोगों के घरों से निकला दूषित पानी रास्ते पर ही भरा रहता है। सड़क पर पानी भरे रहने से आवागमन में लोगों को परेशानी होती है। साथ ही पूरी सड़क गड्ढे में तब्दील हो गई है। नूरपुर हाजीपुर गांव निवासी अनिरुद्ध उपाध्याय, शनि यादव, आशाराम, रामसिंह, शिवकुमार, रेही के मनोज कुमार, हसमुख, रामसिंह बलहेपुर गांव के मंजीत यादव, अशोक कुमार आदि ने बताया कि प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बनाई गई सड़क को गुणवत्ता विहीन बनाया गया है। इससे पूरी तरह पर सड़क गड्ढे में तब्दील हो गई। लोग सफर में हिचकोले खाने को मजबूर हैं। इस मामले में जेई सुरेश कुमार का कहना है कि सड़क पर गड्ढे होने और पानी भरे होने की जानकारी मिली है। गांव के कुछ अराजकतत्वों की वजह से कुछ जगहों पर नाली निर्माण कार्य बाधित है। जिसके चलते पानी निकासी न होने से सड़क पर जलभराव की स्थिति है। जल्द ही उसका समुचित निस्तारण कराया जाएगा।

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