कौशांबी : जिले के किसानों को धान की उपज का वाजिब दाम मिले इसके मद्देनजर 52,250 हजार मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य के सापेक्ष खरीद करने के लिए विभिन्न संस्थाओं के 32 क्रय केंद्रों का निर्धारण किया गया है। लेकिन कई केंद्र प्रभारी धान खरीद में लापरवाही बरत रहे हैं जिसकी वजह से लक्ष्य के सापेक्ष 18 फीसद ही धान की खरीद हुई है। डीएम के चेताने के बाद भी कुछ केंद्र प्रभारी रुचि नहीं ले रहे हैं।

शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन व जिला विपणन एवं खाद्य विभाग ने धान खरीद के लिए 32 एजेंसियों को नामित किया है। जिस किसान का विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण है उन्हीं का धान खरीदा जा रहा है। शासन के निर्देश के मुताबिक जिन एजेंसियों को धान खरीद का लक्ष्य दिया गया है। उसमें विपणन विभाग, कुबेर समिति, पीसीएफ, यूपी एग्रो, कर्मचारी कल्याण निगम, यूपीएसएस, भारतीय खाद्य निगम शामिल हैं। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने सभी केंद्र प्रभारियों को धान खरीद के लिए लक्ष्य भी निर्धारित किया है। एक सप्ताह पूर्व डीएम ने धान खरीद के संबंध में अधिकारियों के साथ धान क्रय की समीक्षा की थी। भारतीय खाद्य निगम, यूपी एग्रो, पीसीएफ, कर्मचारी कल्याण निगम व समितियों में धान क्रय की स्थिति बेहद खराब मिली थी। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर करते हुए खरीद में तेजी लाने का निर्देश दिया था। इसके बाद भी धान की खरीद में तेजी नहीं आई है। किसानों की माने तो कुछ केंद्र के प्रभारी धान में नमी बताकर किसानों को वापस कर दे रहे हैं। केंद्र प्रभारियों की लापरवाही का नतीजा है कि एक माह छह दिन में लक्ष्य के सापेक्ष महज 18 फीसद धान की खरीद हुई है। अब तक विपणन शाखा के केंद्रों ने बेहतर खरीद की है। पूरे जिले की एजेंसियों की खरीद पर जाएं तो यह 18 फीसद हैं, लेकिन विपणन शाखा के केंद्रों ने 23 फीसद खरीद की है।

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चेतावनी का भी नहीं हुआ असर :

भारतीय खाद्य निगम, यूपी एग्रो, यूपी पीसीएफ, कर्मचारी कल्णाण निगम व समितियों में धान क्रय की स्थिति बेहद खराब है। डीएम ने यहां के प्रबंधकों को नोटिस देकर खरीद में तेजी लाने का निर्देश दिए थे। इसके बाद भी सुधार नहीं हुआ। गुरुवार की दोपहर करीब तीन बजे दैनिक जागरण टीम ओसा मंडी स्थित भारतीय खाद्य निगम के केंद्र पहुंची तो खुले आसमान के नीचे किसानों का धान पड़ा हुआ था। तौल नहीं हो रही थी। भारतीय खाद्य निगम के अमित कुमार सिंह ने बताया 30 हजार कुंतल धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है। अब तक 1200 कुंतल खरीद हुई है। बोरी न होने से धान की तौल नहीं हो पा रही है।

Posted By: Jagran

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