जासं, कौशांबी : स्वच्छ भारत मिशन के तहत सरकार नगर पंचायतों गांव को साफ सुथरा रखने के लिए भले ही विशेष अभियान चलाया जा रही है लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही से नगर पंचायत मंझनपुर की सफाई व्यवस्था बदतर है। जरूरत के मुताबिक सफाई कर्मियों की तैनाती न होने से नालियां चोक हो गई हैं। बस्ती में गंदगी का अंबार लगा है। शिकायत के बाद भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे है।

नगर पंचायत मंझनपुर में 12 वार्ड है। यहां की आबादी 10 हजार से अधिक है। बस्ती की नालियों व गलियों की सफाई के लिए हर वर्ष लगभग 80 सफाई कर्मी तैनात किए जाते थे। अधिकारियों की अनदेखी से इस वित्तीय वर्ष में सेवा प्रदाता के माध्यम से सफाई कर्मी को नहीं रखा गया। कस्बे की सफाई व्यवस्था महज 29 कर्मियों के भरोसे है। संख्या कम होने से कस्बे के वार्ड में तीसरे या चौथे दिन झाडू लगाई जाती है। कटरा नगर के चंद्रशेखर त्रिपाठी, यासीन अहमद, वसी उल्लाह का कहना है कि पिछले चार माह से सप्ताह में दो दिन ही झाडू लगाई जाती है। नयानगर के शमशेर, वाहिद अली व महेश चंद का कहना है कि सफाई व्यवस्था में सुधार लाने के लिए नगर पंचायत अध्यक्ष व ईओ से शिकायत करने के बाद भी ध्यान नहीं दिया गया।

टेंडर नहीं होने से 50 सफाईकर्मी बेरोजगार

शासन के निर्देश के मुताबिक पिछले वर्ष सेवा प्रदाता एजेंसी के माध्यम से 50 सफाई कर्मियों की तैनाती नगर पंचायत में की गई थी वह सफाई कर्मी नालियों गलियों को सही तरीके से साफ करते थे। कस्बेवासियों की मानें तो ईओ की लापरवाही से इस बार सफाई के लिए टेंटर नहीं हो सका और 50

चार माह से कर्मचारियों को नहीं मिला वेतन

नगर पंचायत मंझनपुर में काफी दिनों से चेयरमैन महताब आलम व ईओ अंकिता पटेल के बीच खींचतान चल रही है नगर पंचायत कार्यालय में तैनात कर्मचारियों की मानें तो उन्हें पिछले चार माह से वेतन नहीं दिया। कर्मचारियों ने इसकी शिकायत अपर जिलाधिकारी से की लेकिन ध्यान नहीं दिया गया।

50 कर्मियों से ही कराएं सफाई : चेयरमैन

मंझनपुर चेयरमैन महताब आलम ने बताया कि तीन माह पूर्व अपर जिलाधिकारी से शिकायत की थी उन्होंने ईओ को निर्देश दिया कि सेवा प्रदाता के माध्यम से 50 सफाई कर्मियों को कार्य कराया जाए जिससे कस्बे की सफाई व्यवस्था बेहतर रहे इसके बाद भी सफाई कर्मियों की तैनाती नहीं की गई।

Posted By: Jagran