जास, कौशांबी : चार साल से अभियान चलाकर घर-घर शौचालय बनवाने में जिले के अधिकारियों बड़ी सफलता पाई है। बेस लाइन सर्वे के अनुसार जिले में शौचालय बन गए हैं। पूर्वांचल का यह पहला जिला हैं, जहां पर इतने शौचालय बन गए हैं। सोमवार को जिला विकास एवं निगरानी समिति की बैठक के दौरान जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा और सांसद विनोद कुमार सोनकर ने जिले को ओडीएफ (ओपन डिफेकेशन फ्री) घोषित कर दिया है। मंडल के चारों जिले में कौशांबी ही सबसे पहले ओडीएफ हो गया है। जबकि इलाहाबाद, फतेहपुर और प्रतापगढ़ अभी काफी पीछे हैं। डीएम ने इसके लिए जिले के अधिकारियों को बधाई दी।

कलेक्ट्रेट में हुई जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में जिला पंचायत राज अधिकारी आरपी मिश्रा ने बताया कि स्वच्छता कार्यक्रम कई सालों से चलाया जा रहा है। खुले में शौच की प्रथा से मुक्ति के लिए संपूर्ण स्वच्छता मिशन वर्ष 1999 से शुरू हुआ था। वर्ष 2012 में इसका नाम बदलकर निर्मल भारत अभियान हो गया था। फिर दो अक्टूबर 2014 से इसका नाम स्वच्छ भारत मिशन रखा गया और काम तेजी से शुरू हुआ। जिसका लक्ष्य दो अक्टूबर 2019 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150वें जन्म दिवस पर देश को खुले में शौच की प्रथा से मुक्त कराना था। लक्ष्य की प्राप्ति के संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक जुलाई 2018 को प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी। उसमें डीएम ने कहा था कि कौशाम्बी को दो अक्टूबर 2018 से पहले खुले में शौचमुक्त कर दिया जाएगा। उसके क्रम में बेसलाइन के अनुसार शत-प्रतिशत शौचालयों का निर्माण हो गया। इसलिए सोमवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में सांसद विनोद सोनकर और विधायक सिराथू शीतला प्रसाद, विधायक मंझनपुर लाल बहादुर की उपस्थिति में डीएम मनीष कुमार वर्मा ने जनपद को खुले में शौचमुक्त होने की घोषणा कर दी। उन्होंने बताया कि अगले तीन महीने बाद इसका सर्वे होगा। तब तक बचे हुए कुछ अधूरे शौचालयों या उनकी कमियों को दुरुस्त कर लिया जाएगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी इन्द्रसेन ¨सह, क्षेत्र पंचायत के सदस्यगण, ब्लाक प्रमुखगण आदि थे। अब तक 11 जिले हो चुके ओडीएफ

प्रदेश में ओडीएफ अभियान 2014 से चल रहा है। इस अभियान में पूर्वांचल के जिले सबसे पीछे हैं। जबकि पश्चिम के 11 जिले पहले ही ओडीएफ हो चुके हैं। अब ओडीएफ की लिस्ट में 12वां जिला कौशांबी हैं। पूर्वांचल का यह पहला जिला है, जो ओडीएफ घोषित किया गया है। घोषित करते समय डीएम मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि इसके लिए उनके अधीनस्थों ने जमकर मेहनत की है। खासकर कुछ दिन पहले यहां से ट्रांसफर होकर औरैया गए डीपीआरओ कमल किशोर का विशेष योगदान रहा। उन्होंने घर-घर शौचालय बनवाने के लिए नियमित मर्निंग फालोअप किया। बेस लाइन सर्वे से बाहर वालों को भी मिलेगा शौचालय

2011 की बेस लाइन सर्वे के अनुसार 185336 घरों में शौचालय बनने थे। इतने शौचालय तो बन गए हैं। बाद 8500 शौचालय की डिमांड और हो गई। डीएम ने बताया कि इसके लिए भी बजट की डिमांड की गई है। इन घरों में भी शौचालय बनवाया जाएगा।

Posted By: Jagran