संसू, चायल : तहसील क्षेत्र के अधिकांश मेडिकल स्टोरों पर एक्सपायरी डेट, नशे और सेंपल की दवाइयां धड़ल्ले से बेची जा रही हैं। लोगों की मानें तो ज्यादातर मेडिकल स्टोर पर फार्मासिस्ट नहीं हैं। ऐसे में गलत दवा देने से मरीजों की जान जाने की आशंका बनी रहती है। जिम्मेदार नियमित रूप से छापेमारी न होने से स्टोर मालिक बेखौफ होकर बिना फार्मासिस्ट के धड़ल्ले से प्रतिबंधित दवाइयां बेच रहे हैं।

चायल तहसील के स्थानीय बाजार सहित तिल्हापुरमोड़, मनौरी, पूरामुफ्ती, काजीपुर, मूरतगंज, भरवारी, चरवा, सरायअकिल, नेवादा, पुरखास, कसेंदा, बेनीराम कटरा आदि बाजार में पांच से छह हजार रुपये किराए के फार्मासिस्ट डिप्लोमाधारकों की मदद के आधार पर सैकड़ों मेडिकल स्टोर खुले हैं। इन मेडिकल स्टोरों पर बिना डॉक्टर के पर्चे पर नशे की जानलेवा दवाइयां बेखौफ होकर बेची जा रही हैं। लोगों का आरोप है कि भूले भटके कभी कभार छापेमारी मारता भी है तो स्टोर संचालक डिप्लोमा दस्तावेज दिखा कर फार्मासिस्ट के छुट्टी पर होने की बात बताकर बेखौफ होकर धड़ल्ले से कारोबार करते रहते हैं। स्टोर संचालक देते हैं निर्धारित शुल्क

नाम न छापने और बताने की शर्त पर दबी जुबान से क्षेत्र में गलत तरीके से संचालित मेडिकल स्टोर संचालक ने बताया कि सेंपल और नशीली दवा सहित बिना डॉक्टर के पर्चे के गर्भपात की दवा बेचने के लिए माहवारी दिया जाता है। बिना डाक्टर के पर्चे पर प्रतिबंधित और गर्भपात की दवा बेचने पर कुछ फायदा हो जाता है।

मेडिकल स्टोर संचालक गड़बड़ी कर रहे है, तो अभियान चलाकर जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने पर लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

- राहुल कुमार, ड्रग इंस्पेक्टर कौशांबी।

Posted By: Jagran

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