कौशांबी पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में मृतकों की संख्या बढ़ी, अब 13 लोगों की मौत की पुष्टि; 12 पुलिसकर्मी सस्पेंड
कौशांबी में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट में अब तक 13 लोगों के मौत की पुष्टि हुई है, ...और पढ़ें

कौशांबी में अवैध पटाखा फैक्ट्री के धमाके के पीड़ितों के परिवार के लोगों का हाल लेते कौशांबी के डीएम व एसपी। जागरण
HighLights
10 बच्चे, चार पुरुष और एक महिला की मौत हुई है
तीन गंभीर घायल एसआरएन अस्पताल में वेंटीलेटर पर
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। कौशांबी में नई आबादी के बीच आबाद अवैध पटाखा फैक्ट्री में सोमवार को हुए भीषण विस्फोट से दो और व्यक्ति की मौत हो गई। मंगलवार दोपहर स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल में भर्ती 45 वर्षीय राजेश कुमार की सांस थम गई। जबकि खेत में मिले पैर के आधार पर पिता ने मृतक बेटे सुनील मौर्या के रूप में शिनाख्त की।
अवैध रूप से पटाखा फैक्ट्री संचालित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई न करने के आरोप में आइजी रेंज अजय कुमार मिश्रा ने एक इंस्पेक्टर और थानाध्यक्ष, चौकी प्रभारी समेत छह दारोगाओं को निलंबित किया है। एसपी कौशांबी ने पांच सिपाहियों को निलंबित किया है। गैर जनपद में तैनात दो पुलिसकर्मियों की रिपोर्ट संबंधित जिले में भेज दी गई है। डीएम कौशांबी ने अग्निशमन अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी है।

में आबादी के बीच अवैध रूप से चल रही पटाखा फैक्ट्री में सोमवार को हुए भीषण विस्फोट ने अब तक 13 निर्दोषों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। आज एसआरएन अस्पताल में एक की मौत, दूसरे का खेत में मिला अवशेष, एक ही हालत गंभीर है। लचर और लापरवाह व्यवस्था के कारण हुई इन मौतों में शामिल आठ बच्चे थे। इसके अलावा चार पुरुष और एक महिला की जान गई। चार मृतक एक ही परिवार के हैं। दो परिवार के तीन-तीन सदस्यों की जान गई। तीन गंभीर घायलों को स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में वेंटीलेटर पर रखा गया है।
संचालक की पत्नी, भाई व बेटे पर 25-25 हजार का इनाम घोषित
चिल्ला शहबाजी में अवैध पटाखा फैक्ट्री का संचालन करने करने वाले मख्य अभियुक्त नौशाद को सोमवार देर रात पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। वहीं, घटना के कुछ देर बाद गिरफ्तार की अभियुक्त शबाना पत्नी शकील व उसकी बेटी साइना को गिरफ्तार कर मंगलवार को चालान कर दिया गया। संचालक के भाई शकील, पत्नी कहकसा व बेटा आदिल फरार है। उनकी गिरफ्तारी के लिए चार टीमें लगाई गईं हैं। एसपी सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
25-25 हजार का इनाम घोषित
आरोपित फैक्ट्री संचालक नौशाद नौशाद के भाई शकील की बीवी शबाना, बेटी साइना को गिरफ्तार किया गया है। वांछित शकील, नौशाद के बेटे आदिल और बीवी कहकसा बानो पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। नौशाद के तीन मंजिला अवैध घर भी पीडीए ने ढहा दिया। अभियुक्तों पर गैंग्सटर लगाकर अपराध से अर्जित संपत्ति जब्त की जाएगी। मजिस्ट्रेटी जांच भी शुरू हो गई है।

अब तक इनकी हुई मौत
- प्रियांजलि (पांच वर्ष) पुत्री मंजीत कुमार
-प्रवीण सिंह (13 वर्ष) पुत्र मंजीत
-जाह्नवी (12 वर्ष) पुत्री गया प्रसाद
-आदित्य (12 वर्ष) पुत्र गया प्रसाद
-रवि (आठ वर्ष) पुत्र गया प्रसाद
-ज्ञान सिंह (40 वर्ष) पुत्र हरिमोहन
-आदित्य (आठ वर्ष) पुत्र अज्ञात
-अंजू (23 वर्ष) पत्नी विक्रम सरोज
-विक्रम सरोज (35 वर्ष)
-अंश (छह वर्ष) पुत्र विक्रम सरोज
-नन्हा (04 वर्ष) पुत्र विक्रम सरोज
- अन्य का नाम अभी ज्ञात नहीं।

मानव अंग के अवशेष से सुनील की शिनाख्त
अवैध पटाखा फैक्ट्री के ठीक बगल बूंदी का कारखाना था। सोमवार को घटना के वक्त कारखाने में रहे दो मजदूरों की मौत हो गई थी, एक शव की शिनाख्त हुई जबकि दूसरे का कटा हुआ हाथ प्रयागराज व पैर कौशांबी के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा। शव की शिनाख्त कराना पुलिस के लिए चुनौती बन गया था लेकिन इन कयासों पर विराम लगाया उमा ने। दिव्यांग का कटा हुआ पैर देख बिलखी उमा ने उसकी पहचान अपने भाई सुनील मौर्य के रूप में की। पुलिस अब इसकी आधिकारिक पुष्टि डीएनए टेस्ट से कराएगी।
30 वर्षीय सुनील मौर्या पुत्र बब्बू निवासी पकसराई थाना चरवा बूंदी कारखाना में काम करता था। इसका हाथ मिला था। जिस पर पत्नी का नाम लिखा था, पत्नी रेखा देवी ने हाथ की पहचान किया है। उनके बेटे साक्षी 10 साल, प्रियांशु, आठ, शनि छह, सौरभ चार साल बच्चे हैं। कल रात में सुनील मौर्य की बहन शोभा देवी आई थी लेकिन पहचान नहीं हो पाई। आज दूसरी छोटी बहन उमा देवी आई है पैर की पहचान की है और बताया कि भाई का हाथ बोरी में भरा था उसमें गोदना से लिखा था लेकिन वह बोरी नहीं मिली है
दरअसल, नौशाद की पटाखा फैक्ट्री आबादी में होने के कारण ही दो साल पहले फैक्ट्री का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया था, लेकिन व्यवस्था आंखें मूंदे रही और नौशाद का बेटा आदिल कुछ दूरी पर बिना लाइसेंस के ही पिता के कारोबार को जानलेवा तरीके से बढ़ाता गया।

नौशाद का परिवार और उसके करीबी रिश्तेदार भी बारूदी पटाखे बनाने का ही काम करते हैं। सुबह बचाव कार्य के दौरान एक ही परिवार के तीन शव मिले, इसमें विक्रम और उनके दो बेटे अंश और शिवम शामिल हैं। जबकि सुनील मौर्य का कटा हुआ हाथ प्रयागराज व पैर कौशांबी के पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया गया। बहन उमा ने दिव्यांग भाई के पैर की पहचान की।उसके हाथ पर पत्नी का नाम देख सुनील मौर्य के रूप में पहचान की गई। पुलिस अब इसकी आधिकारिक पुष्टि डीएनए टेस्ट से कराएगी ।
सोमवार को प्रयागराज-कौशांबी सीमा पर स्थित मनौरी में अवैध रूप से संचालित पटाखा फैक्ट्री में धमाका हो गया। इससे कई मकान जमींदोज तो छह घर क्षतिग्रस्त हो गए। उस समय तक हादसे में एक परिवार चार सदस्य समेत 11 की दर्दनाक मौत हो गई थी जबकि 20 से अधिक घायल हुए। उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। ट्रेनों का संचालन करीब एक घंटे तक बाधित रहा।
एयरफोर्स स्टेशन मनौरी से करीब दो किमी दूर पटाखा फैक्ट्री में धमाका इतना तेज हुआ कि उसकी गूंज करीब ढाई किलोमीटर तक सुनाई दी। करीब 500 मीटर दूर तक सरिया, मकान के अवशेष बिखर गए। पुलिस, प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, अग्निशमन की रेस्क्यू आपरेशन चला रही है। एयरफोर्स के 50 जवान भी राहत और बचाव कार्य में जुटे रहे। जेसीबी से मलबा हटाकर दबे लोगों को निकालने की कोशिश की जा रही है।
चीख-पुकार के बीच सुरक्षा एजेंसियां भी मौके पर पहुंचकर इनपुट जुटाती रहीं। पिपरी थाने में गया प्रसाद की तहरीर पर छह के खिलाफ मुकदमा लिखा गया है। पुलिस ने अवैध फैक्ट्री संचालन से जुड़े कई लोगों को पकड़ा है, लेकिन मालिक गायब है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से मृतक के परिवार को दो लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी गई है। जल्द ही कुछ कर्मचारियों को निलंबित किए जाने की बात भी कही गई है।
प्रयागराज-कौशांबी सीमा पर स्थित मनौरी बाजार से कुछ दूर चिल्ला शहबाजी (मीरपुर) गांव है। यहां एक नई कालोनी विकसित हो रही है। खेत के बीच में ही मनौरी निवासी आदिल की ओर से अवैध पटाखा फैक्ट्री का संचालन किया जा रहा था। दो साल पहले उसकी फैक्ट्री का लाइसेंस रद कर दिया गया था। फैक्ट्री के बगल ही धारा केसरवानी की बूंदी बनाने का कारखाना था। उसके बगल ही कई मकान हैं, जहां रेलकर्मी, बैंककर्मी समेत अन्य का परिवार रहता है।
बताया गया है कि सोमवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे पटाखा बनाने के लिए बारुद सहित दूसरे ज्वलनशील पदार्थ का मिश्रण किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक धमाका हुआ तो चंद मिनट में ही पूरा मकान जमींदोज हो गया। आग लगने के साथ ही आसमान में धुएं का गुबार उठने लगा। चौतरफा बारुद की गंध छा गई। आसपास के मकान क्षतिग्रस्त हो गए। पटाखा फैक्ट्री, बूंदी कारखाना में काम कर रहे कर्मचारी, मजदूर मलबे में दब गए। थोड़ी ही देर में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। अपनों की मौत का पता चला तो परिवार फूट-फूटकर रोने लगा।
प्रयागराज के एडीजी जोन ज्योति नारायण, आइजी रेंज अजय मिश्रा, मंडलायुक्त, एडिशनल पुलिस कमिश्नर डा. अजय पाल शर्मा, कौशांबी के जिलाधिकारी अमित पाल शर्मा, एसपी भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। हालात खराब होने के कारण एयरफोर्स पुलिस के जवानों को भी राहत और बचाव कार्य के लिए बुला लिया गया। पटाखे में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक की तीव्रता इतनी अधिक थी कि हाईटेंशन लाइन के पिलर का ज्वाइंडर तक तक क्षतिग्रस्त हो गया।
दूसरे मकान ढह और क्षतिग्रस्त हुए। रेस्क्यू आपरेशन के बीच ही फटाखा फूटता रहा, जिससे स्थिति बिगड़ती रही। धमाके से जान गवाने वाले बच्चे जान्हवी, आदित्य, रवि और अमित के पिता गया प्रसाद की तहरीर पर पिपरी पुलिस ने नौशाद, उसकी बीवी कहकसा बानो, भाई शकील, उसकी बीवी शबाना, बेटे आदिल, बेटी साइना के खिलाफ मुकदमा लिखा गया है। जिलाधिकारी कौशांबी अमित पाल शर्मा ने कहा कि हादसे में 11 लोगों की मौत हुई है। रेस्क्यू आपरेशन जारी है। दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। पटाखा फैक्ट्री का लाइसेंस वर्ष 2024 में निलंबित किया गया था।
कौशांबी के पिपरी थाना क्षेत्र स्थित मनौरी के पास चिल्ला शहबाजी गांव की पटाखा फैक्ट्री में सोमवार को हुए विस्फोट और 15 लोगों की मौत होने पर नौ पुलिस कर्मियों पर गाज गिरी है। आइजी अजय कुमार मिश्रा ने लापरवाही बरतने पर एक इंस्पेक्टर और छह दारोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके बाद दो और पर कार्रवाई हुई। आइजी के निर्देश पर पिपरी थाना व चौकी में पिछले दो वर्ष में तैनात रहे यहां पुलिस कर्मियों को खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है।
निलंबित होने वालों में निरीक्षक शिवचरण राम, उपनिरीक्षक विकास सिंह, विनय सिंह, अजीत कुमार सिंह, अभिषेक गुप्ता, मनीष पाल व अमित द्विवेदी शामिल हैं। इससे पहले सोमवार को रात कौशांबी एसपी ने दो बीट आरक्षी को निलंबित करते हुए थाना प्रभारी समेत तीन लोगों को लाइन हाजिर किया था।
प्रयागराज-कौशांबी सीमा पर स्थित मनौरी बाजार से कुछ दूर चिल्ला शहबाजी (मीरपुर) गांव में हुए धमाके के बाद गम और गुस्सा छाया रहा। घटना स्थल पर जुटी भीड़ के बीच बैकहो लोडर (जेसीबी) की मदद से लापता लोगों की तलाश मलबे के बीच होती रही। सुबह से हीपुलिस-प्रशासन की टीम वहां जुट गई। इसके बाद जमींदोज हुए मकान के मलबे को हटाने और खेतों के बीच मानव अंगों की दिनभर खोज चली।
हादसे में मरने वालों के शव पोस्टमार्टम के बाद जब अलग-अलग गांव लाए गए तो कोहराम मच गया। गया प्रसाद के घर से एक साथ चार अर्थी उठी, जिसे देख लोगों का कलेजा कांप उठा। गांव में बारिश के बीच राहत कार्य जारी रहा। एसआरएन में चार लोगों का अभी इलाज चल रहा है, जिसमें एक की हालत गंभीर है।
चार बच्चों को खोने वाले गया प्रसाद की तहरीर पर पिपरी थाने में नौशाद समेत छह के खिलाफ मुकदमा लिखा गया था। मंगलवार को पकसरई गांव के सरजू प्रसाद ने पोस्टमार्टम हाउस में एक पैर देखकर बेटे सुनील के मौत की पुष्टि की। एसपी कौशांबी सत्यनारायण प्रजापत ने कहा कि मानव अंग घटना स्थल से मिला, जिसकी पहचान सुनील के रूप में हुई है। उसकी पुष्टि के लिए डीएनए टेस्ट कराया जाएगा।
इन पर गिरी निलंबन की गाज
थानाध्यक्ष पिपरी विकास सिंह, थानाध्यक्ष चरवा और पूर्व चौकी प्रभारी चायल विनय सिंह और पूर्व प्रभारी निरीक्षक पिपरी और वर्तमान में साइबर थाना प्रभारी शिवचरण राम, चौकी प्रभारी महगांव अजीत कुमार सिंह, चौकी प्रभारी सिराथू अभिषेक गुप्ता, चौकी प्रभारी बिदांव मनीष पाल और दारोगा अमित द्विवेदी। यह सभी दारोगा पूर्व में चायल चौकी के प्रभारी के रूप में तैनात रहे। सोमवार को चायल पुलिस चौकी में तैनात रहे बीट आरक्षी जितेंद्र शुक्ल, कृष्ण कुमार को एसपी सत्यनारायण प्रजापत ने निलंबित किया था। इसके अलावा मंगलवार को इसी पुलिस चौकी में पूर्व में तैनात रहे आरक्षी मुकुल राज, आरक्षी शैलेश सिंह व नरेंद्र पाल को निलंबित किया गया। इसके अलावा मुख्य आरक्षी विनय कुमार का तबादला फतेहपुर व मुख्य आरक्षी रामकुमार दुबे का तबादला चित्रकूट जिले में होने की वजह से निलंबन की संस्तुति की गई है। आइजी रेंज अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि अप्रैल 2024 में नौशाद का लाइसेंस निरस्त किया गया। अनियमितता मिलने पर अक्टूबर 2024 में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया। जेल से छूटने के बाद वह अवैध रूप से पटाखा फैक्ट्री चला रहा था, लेकिन दो वर्ष के बीच पिपरी थाना, चायल चौकी में तैनात इंस्पेक्टर, दारोगा ने कार्रवाई नहीं की थी। इसी अवधि में तैनात रहे बीट सिपाही, दीवान को निलंबित करने की कार्रवाई एसपी कौशांबी करेंगे।
