संसू, कसेंदा : चायल तहसील के कसेंदा गांव में प्रयागराज कौशांबी सड़क मार्ग पर पानी निकासी के लिए लगी पुलिया दो माह पहले टूट गई है थी। उसके बाद से जल निकासी पूरी तरह ठप हो गई थी। जिससे मुख्य मार्ग और प्रयागराज कौशांबी मार्ग पर दूषित पानी भरा रहता था। ग्रामीणों की शिकायत पर पीडब्ल्यूडी द्वारा पांच लाख रुपये की लागत से पुलिया का निर्माण कार्य शुरू किया गया। जिसमें अधर में ही काम बंद कर ठेकेदार गायब हो गया। कार्य शुरू होने के दो माह बीतने के बाद भी पुलिया निर्माण पूर्ण नहीं हो सका। इस खबर को दैनिक जागरण ने शुक्रवार के अंक में प्रमुखता से समाचार को प्रकाशित किया तो अधिकारी सकते में आए और सुबह से कार्य शुरू किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिया निर्माण में गड़बड़ी की गई जिसके चलते पुलिया का पानी आगे नहीं जा रहा उसे पंचक्की से बाहर निकलना पड़ता है।

विकास खंड चायल के कसेंदा गांव प्रयागराज कौशांबी के मुख्य सड़क मार्ग पर बसा है। करीब छह हजार की आबादी वाले इस गांव में पानी निकासी के लिए शिव मंदिर के पास लगभग छह साल पहले पीडब्ल्यूडी के ने पुलिया बनाई गई थी। जिससे बाद पुलिया का कुछ हिस्सा टूट गया। गांव के मुन्नू लाल, रंजीत यादव, राधेश्याम गुप्ता, सोनलाल गुप्ता, शंकर लाल यादव नरेंद्र सिंह आदि लोगों ने बताया कि साल पर पहले प्रधान मंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 75 लाख

रुपये लागत से मखउपुर से अकबरपुर तक पांच किमी सड़क की मरम्मत कराई गई थी। जिसमें ग्रामीणों की मांग करने के बाद भी पुलिया की मरम्मत नहीं कराई गई। दो महीने पहले पुलिया पूरी तरह से टूट गई। जिसके चलते गांव के मुख्य मार्ग समेत कौशांबी प्रयागराज मार्ग पर जल भराव की स्थिति उत्पन्न होने लगी। ग्रामीणों की शिकायत पर पीडब्यूडी द्वारा पांच लाख रुपये की लागत से आरसीसी पुलिया का निर्माण शुरू किया गया। ग्रामीणों के अनुसार सड़क के आधे हिस्से की पुलिया बना कर ठेकेदार गायब हो गया है। जिससे वाहनों को आवागमन करने में परेशानी हो रही है। पुलिया के लिए खोदा गया गड्ढा हादसे की अनहोनी की आशंका पैदा कर रहा है। ग्रामीणों की इस समस्या को दैनिक जागरण ने शुक्रवार के अंक में प्रमुखता से समाचार को प्रकाशित किया तो अधिकारी सकते में आए और सुबह से पंचक्की से पुलिया का पानी बहर निकाला गया। उसके बाद शटरिग आदी का कार्य शुरू किया गया है।

Edited By: Jagran