जिले के यमुना घाटों में हुए बालू के अवैध खनन की जांच के लिए आई सीबीआइ टीम ने बुधवार को खनिज और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पहुंचकर अभिलेख लिए। अवैध खनन मामले में सीबीआइ ने पांचवी बार दस्तक दी है। पूर्व में जांच के लिए आई टीम ने चार अधिकारियों और दो लिपिकों को बुलाकर पूछताछ की थी। इस बार टीम जांच को अंतिम रूप देने के प्रयास में है।

सपा शासन काल में वर्ष 2012 से 16 के बीच जिले के 14 घाटों पर बालू का खनन किया गया था। हाईकोर्ट ने निर्देश पर सीबीआइ अवैध खनन प्रकरण की जांच कर रही है। गुरुवार को दोपहर 12 से एक बजे के बीच टीम के सदस्यों ने खनिज और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर बालू खनन से जुड़े कुछ अभिलेख कब्जे में लिए हैं।

वर्ष 2019 जून में भी सीबीआइ ने 10 दिन तक जिले में रहकर मामले की जांच की थी। बालू घाट के पट्टेधारकों और उनसे जुड़े तमाम लोगों के अलावा प्रशासनिक अफसरों से पूछताछ भी हुई थी। बताया जा रहा है कि टीम तत्कालीन खनिज अधिकारी समेत आधा दर्ज कारोबारियों पर कार्रवाई करने की फिराक में है। टीम के सदस्य कुछ कहने को तैयार नहीं है। अब भी वह पूरी तरह से चुप्पी साधे हैं।

Posted By: Jagran

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