जासं, कौशांबी : मुख्यालय मंझनपुर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल में सोमवार को सांसद व दो विधायकों समेत अफसरों ने निरीक्षण किया। इसके पहले सांसद ने हार्मोन एनालाइजर (क्वाटम मैग्नेटिक रेसोनेन्स एनालाइजर) मशीन का फीता काटकर शुभारंभ किया। निरीक्षण में जनप्रतिनिधियों ने कई मरीजों से उनके इलाज के बारे में जानकारी दी।

भाजपा सांसद विनोद सोनकर ने कहा कि हार्मोन एनालाइजर मशीन लगने से मरीजों को यहीं बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी। इस बीच विधायक मंझनपुर लालबहादुर व विधायक सिराथू शीतला प्रसाद भी जिला अस्पताल आ गए। इनके अलावा सीडीओ इंद्रसेन ¨सह व सीएमओ डॉ. पीएन चतुर्वेदी भी मौजूद रहे। जनप्रतिनिधि सबसे पहले एसएनसीयू वार्ड पहुंचे। यहां नवजात के स्वास्थ्य की डॉक्टरों से जानकारी ली। सभी पोषण पुनर्वास केंद्र, एक्सरे व अल्ट्रासाउंड और इमरजेंसी वार्ड का भी निरीक्षण किया। मरीजों की भीड़ देखकर सांसद ने सीएमएस से बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था देने की बात कही। दो बजे के बाद भी होगा अल्ट्रासाउंड

सांसद ने देखा कि अल्ट्रासाउंड वार्ड के बाहर मरीजों की भीड़ लगी हुई है। कई मरीजों व तीमारदारों ने बताया कि सुबह से बैठे इंतजार कर रहे हैं लेकिन पर्चा नहीं जमा किया गया और उन्हें दूसरे दिन बुलाया जा रहा है। फतेहपुर से आए मरीज व तीमारदारों ने बताया कि तीन दिनों से चक्कर लगा रहे हैं लेकिन 40 की गिनती पूरी होने के बाद शेष पर्चा नहीं जमा करने का कहकर वापस कर देते हैं। अल्ट्रासाउंड में 40 की गिनती का खेल काफी समय से चल रहा है। सांसद को सीएमएस ने बताया कि 40 से अधिक का अल्ट्रासाउंड हर दिन होना है। एक ही रेडियोलॉजिस्ट होने से अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहा है। सांसद ने कहा कि एक और रेडियोलॉजिस्ट तैनात करें और मंगलवार से दो बजे के बाद भी अल्ट्रासाउंड करें। सांसद ने कहा कि अब टोकन के हिसाब से मरीजों को बुलाकर एक्सरे कराया जाना चाहिए। विधायक ने सीएमएस को लगाई फटकार

सांसद जब पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चों की जानकारी ले रहे थे। विधायक मंझनपुर लालबहादुर ने सीएमएस को फटकारते हुए कहा कि यह रवैया अच्छा नहीं है। सांसद को इस बात की जानकारी नहीं दी। सीएमएस ने कहा कि आमंत्रण पत्र दिया था। लालबहादुर ने सख्त तेवर में कहा कि सांसद के आने की जानकारी क्यों नहीं दी गई। सांसद ने नाराजगी का कारण पूछा तो विधायक ने बताया कि जिला अस्पताल की स्थिति काफी बदतर है। उन्होंने रविवार को निरीक्षण किया था तब पाया कि चारों तरफ गंदगी फैली है। जिन वार्डों में मरीज भर्ती थे, वहां से दुर्गंध उठ रही थी और शौचालय गंदा था। वहीं सांसद ने अस्पताल की रसोई घर पहुंचकर मरीजों को देने वाला भोजन चखा। सीएमएस ने की ईओ की शिकायत

सांसद विनोद सोनकर ने जिला अस्पताल में सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने की बात कही तो सीएमएस डॉ. दीपक सेठ ने कहा कि मेडिकल कचरा जिला अस्पताल के पीछे एक स्थान पर रखते हैं। उसे अस्पताल परिसर में नष्ट नहीं किया जा सकता। इसके लिए नगर पंचायत मंझनपुर की अवर अभियंता अंकिता पटेल को कई बार पत्र लिखा लेकिन मेडिकल कचरा नहीं उठवाया गया। सांसद ने ईओ मंझनपुर से बातचीत कर व्यवस्था दुरुस्त कराए जाने की बात कही है।

Posted By: Jagran