देवीगंज : साल के पहले पर्व मकर संक्रांति पर गुरुवार को गंगा घाटों में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने पतित पावनी मां गंगा में स्नान कर पूजा अर्चना की। मकर संक्रांति पूर्व का स्नान सुबह से ही शुरू हो गया था, लेकिन पुण्य काल दोपहर 1:48 बजे से सूर्यास्त तक रहा। इसमें लोगों ने पुण्य काल में ही स्नान दान कर विशेष फल की प्राप्ति की।

नए साल की शुरुआत होने के बाद मकर संक्रांति पहला त्योहार माना जाता है। इस पर्व में स्नान दान का विशेष महत्व है। कड़ाके की ठंड होने के बावजूद श्रद्धालु कड़ा धाम पहुंच कर कुबरीघाट, कालेश्वर घाट, अकबरपुर घाट, हनुमान घाट, सहजादपुर में गंगा स्नान किया। इसके बाद पूजा अर्चना कर दान आदि किया। गंगा स्नान का सिलसिला सुबह से ही शुरू हो गया। इस दौरान हजारों भक्तों ने डुबकी लगाई। हालांकि स्नान का शुभ मुहूर्त दोपहर के बाद शुरू होकर शाम तक रहा। स्नान के लिए पूर्ण मुहूर्त में कुछ लोगों ने स्नान दान किया। पूर्ण काल में स्नान करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। गुरुकुल विद्यालय के प्रधानाचार्य अशर्फीलाल शास्त्री ने बताया कि मकर संक्रांति के दिन पूर्ण काल में स्नान दान करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इस पूर्ण काल में स्नान करने वाले व्यक्ति को पूरे साल के गंगा स्नान के फल की प्राप्ति होती है। इस दिन किया गया दान पूरे साल के दान के बराबर माना जाता है। स्नान पर्व पर गंगा घाटों पर प्रशासन द्वारा व्यापक इंतजाम किए गये थे। सभी घाटों में पुलिस की तैनाती की गई थी।

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खिचड़ी भोज का हुआ आयोजन

संसू देवीगंज : मकर संक्रांति पर्व पर गुरुवार को देवीगंज बाजार में व्यापार मंडल संगठन की ओर से खिचड़ी भोज का आयोजन किया गया। सिराथू विधायक शीतला पटेल समेत क्षेत्र के तमाम लोग कार्यक्रम में शामिल हुए। व्यापार संघ की ओर से खिचड़ी का प्रसाद बांटा गया। देवीगंज व्यापार मंडल संगठन के अध्यक्ष प्रमोद साहू के द्वारा गुरुवार को बाजार में खिचड़ी भोजन का आयोजन किया गया। इसमें उड़द की दाल और चावल से तैयार की गई खिचड़ी का प्रसाद दिया गया।

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