जासं, कौशांबी : प्रधानमंत्री आवास निर्माण में कौशांबी प्रदेश में पांचवें स्थान पर है, जबकि मंडल में पहला स्थान है। निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 14.54 फीसद आवास निर्माण पूरा करा लिया है। अधिकारियों की मानें तो शेष आवासों के निर्माण के लिए धनराशि दी जा चुकी है और निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है। अधिकारी की पहल पर सैकड़ों गरीबों को पक्की छत मिल गई है।

गरीब परिवार के लोगों के पास अपनी छत हो। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत 2011 के आर्थिक सर्वे के अनुसार गरीब परिवार के लोगों को आवास दिया जा रहा है। 2018-19 के लिए विभाग ने 2428 लोगों को आवास देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अब तक 4077 लोगों ने आवेदन किया है। इनमें से 3392 पात्रों का सर्वे के बाद अधिकारियों ने रिपोर्ट दी है। विभागीय आंकड़ों की मानें तो 2428 के सापेक्ष 2399 पात्रों को आवास निर्माण की पहली किश्त जारी दी गई। इनमें 29 लोग ऐसे हैं जिनको अब तक आवास निर्माण की किश्त नहीं मिली है। 2156 लोगों को आवास निर्माण की दूसरी किश्त व 462 लोगों को तीसरी किश्त जारी कर दी गई है। इनमें से 353 लोगों ने आवास निर्माण पूरा कर लिया है। जो पूरे लक्ष्य का 14.54 फीसद है।

जिले मे शिकायतों की भी है भरमार

प्रधानमंत्री आवास योजना में कौशांबी भले ही पांचवें स्थान पर हो लेकिन जिले में आवास वितरण को लेकर शिकायतें भी कम नहीं हैं। अधिकारियों की मानें तो अब तक करीब 79 लोगों के खिलाफ शिकायत की है। इनमें से 35 के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जा चुकी है। एक दर्जन लोगों के खिलाफ गलत तरीके से लाभ लेने को लेकर वूसली की नोटिस भी जारी की जा चुकी है।

सचिव व प्रधानों पर दर्ज हैं मुकदमे

प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने के नाम पर अब तक तीन प्रधानों के खिलाफ वसूली को लेकर मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। इतना ही नहीं सात ग्राम पंचायत सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करते हुए उनसे जवाब मांगा गया है। इस गड़बड़ी में ब्लाक स्तरीय अधिकारियों से भी जवाब तलब किया गया है। इसको लेकर अब तक विभाग में कार्रवाई लंबित है। कहते हैं अधिकारी

आवास निर्माण में तेजी लाने को जिले के सभी खंड विकास अधिकारियों के साथ ही संबंधित ग्राम पंचायत व विकास अधिकारियों को भी निर्देश दिया गया है। पात्रों का चयन पूरा कर लिया गया है। अब केवल आवास निर्माण करना ही शेष है। अब काम में और तेजी से होगा।

- राकेश मिश्र, परियोजना निदेशक डीआरडीए।

Posted By: Jagran