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सुनहरे भविष्य की तैयारी में बुझा घर का चिराग, एक परिवार की खुशियां बदल गईं मातम में Kasganj News

कासगंज के चांड़ी रोड पर हुआ हादसा। साथियों के साथ कर रहा था दंड बैठक। खबर मिलने पर पहुंचे ग्रामीण। परिवार में भी मच गया कोहराम।

By Tanu GuptaEdited By: Published: Sun, 13 Oct 2019 05:34 PM (IST)Updated: Sun, 13 Oct 2019 05:34 PM (IST)
सुनहरे भविष्य की तैयारी में बुझा घर का चिराग, एक परिवार की खुशियां बदल गईं मातम में Kasganj News
सुनहरे भविष्य की तैयारी में बुझा घर का चिराग, एक परिवार की खुशियां बदल गईं मातम में Kasganj News

कासगंज, जेएनएन। रविवार सुबह चांड़ी मार्ग पर सड़क किनारे पुलिस भर्ती के लिए कसरत कर रहे युवक को अज्ञात बाइक सवार ने टक्कर मार दी। जब तक साथियों को खबर मिलती, तब तक बाइक सवार यहां से भाग गया। साथियों ने गांव में खबर की तो ग्रामीण दौड़े-दौड़े यहां पहुंचे। घायलावस्था में युवक को अस्पताल ले गए, जहां पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

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कासगंज थाना क्षेत्र के गांव दिहारी निवासी 19 वर्षीय राजकुमार पुत्र चंद्रपाल बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र है। वह पुलिस भर्ती की तैयारी के लिए रोज सुबह चार बजे साथियों के साथ में चांड़ी रोड पर दौड़ लगाने जाता है। रविवार सुबह दौड़ लगाने के बाद में मंदिर के निकट साथियों के साथ कसरत कर रहा था। इस दौरान तेज रफ्तार से आई एक बाइक ने टक्कर मार दी तथा यहां से भाग गया। बताया जाता है बाइक की टक्कर उसके सिर में लगी। जब साथियों ने राजकुमार को घायलावस्था में देखा तो गांव में खबर दी। ग्रामीण एवं परिजन मौके पर पहुंचे तथा घायलावस्था में राजकुमार को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। राजकुमार की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया।

नहीं मिला यूपी 100 एवं एंबुलेंस का फोन

राजकुमार के ताऊ के लड़के कमलेश के अनुसार उसके साथ में प्रेमपाल, राकेश, राजेंद्र, जगेश, पुण्यप्रताप एवं पवन भी भर्ती की तैयारी करने जाते थे। सुबह चार बजे घर से निकले थे। हादसे के बाद में उन्होंने यूपी 100 एवं एंबुलेंस के लिए 108 नंबर मिलाया, लेकिन फोन नहीं मिला। इसके बाद में गांव में फोन किया तो हम लोग दौड़े-दौड़े यहां पहुंचे। बाइक से ही राजकुमार को नीलम हॉस्पिटल ले गए, जहां से उसे मिशन हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया।

परिवार में इकलौता बेटा था राजकुमार

परिवार के इकलौते बेटे राजकुमार ने सुनहरे भविष्य का ख्वाब देखा था। इसके लिए अपनी पढ़ाई के साथ में रोज सुबह वह कई किमी की दौड़ के साथ में कसरत किया करता था। उसका सपना था कि नौकरी पाकर परिवार को भी एक अच्‍छी जिंदगी दे, लेकिन इसी सुनहरे भविष्य को साकार करने की तैयारी में उसकी रविवार सुबह हादसे में मौत हो गई। चंद्रपाल के तीन बेटी एवं एक बेटा राजकुमार है। दो बहनें राजकुमार से बड़ी हैं तथा एक छोटी। परिजनों ने तीनों बहनों की शादी कर दी है। बताया जाता है परिजन राजकुमार की शादी भी करना चाह रहे थे, लेकिन उसका ख्वाब था कि नौकरी करे। इसके लिए वह बीएससी के साथ में पुलिस भर्ती की भी तैयारी कर रहा था। राजकुमार का कहना था कि वह नौकरी करने के बाद में शादी करेगा। ऐसे में परिजनों ने भी उसकी शादी अभी रोक दी थी। हादसे की खबर मिलने पर परिजनों में अफरा-तफरी हो गई।

मुझे क्या पता था लौटकर नहीं आएगा...:

राजकुमार की मां पुष्पा देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। शव घर पहुंचते ही वह दहाड़ें मार कर रोने लगी कि मुझे क्या पता था लौटकर नहीं आएगा। रोज सुबह नौकरी के लिए दौड़ लगाने के लिए जाता था।

किसकी कलाई पर राखी बांधेंगी बहनें

राजकुमार की बहनों का भी रो-रोकर बुरा हाल था। सबसे बड़ी बहन लक्ष्मी के साथ में नरायन देवी एवं नीरज का रो-रोकर बुरा हाल था। इकलौते भाई की मौत के बाद वह यही कह रही थी कि अब किसको राखी बांधेंगी।

हादसे के बाद लहराती हुई देखी थी बाइक

बताया जाता है टक्कर मारने वाली बाइक सहावर से आ रही थी। इस पर तीन लोग सवार थे। राजकुमार को टक्कर मारने के बाद में बाइक लहराई थी, इस पर साथियों ने कहा भी क्या नशे में चला रहा है, लेकिन उस वक्त तक उन्हें पता नहीं था कि बाइक ने राजकुमार को टक्कर मार दी है।


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