कासगंज, संवाद सहयोगी : माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा बोर्ड परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों से लिया गया शुल्क अब परीक्षा रद करने के कारण वापस किया जाना चाहिए। यह मांग अभिभावकों ने अधिकारियों से की है।

जिले में हाईस्कूल में 22615 छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया था। इसका पंजीकरण शुल्क पांच सौ रुपये प्रति छात्र लिया गया था। इंटरमीडिएट के लिए पंजीकृत हुए 18510 छात्र-छात्राओं ने छह सौ रुपये प्रति छात्र पंजीकरण शुल्क दिया। इस तरह यह राशि माध्यमिक शिक्षा परिषद को करोड़ों रुपये प्राप्त हुए। कोरोना काल के चलते शासन के निर्देश पर बोर्ड ने परीक्षाएं रद कर दी। साथ ही पंजीकृत छात्र-छात्राओं को कक्षा के लिए प्रोन्नत कर दिया गया। ऐसे में अभिभावकों को पंजीकरण के लिए दी गई धनराशि वापस मिलनी चाहिए। सरकार एवं विभाग ने करोड़ों रुपये से एकत्रित हुई इस राशि के संबंध में अभी तक कोई जानकारी अभिभावकों तक नहीं पहुंचाई है। अभिभावक धनराशि वापसी की मांग कर रहे हैं। जब परीक्षाएं नहीं हुईं तो रजिस्ट्रेशन फीस की वापसी होनी चाहिए। जिले के छात्र-छात्राओं से करोड़ों रुपया परिषद एवं शासन को पहुंचा है। तमाम अभिभावक ऐसे होंगे जिन्होंने बमुश्किल फीस जमा की होगी।

- गौरव मिश्रा, अभिभावक सरकार को छात्र-छात्राओं के साथ अभिभावकों का भी ख्याल रखना चाहिए। हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के विद्यर्थियों को भले ही प्रोन्नत कर दिया है। इनकी फीस का भी सरकार और परिषद को हिसाब देना चाहिए।

- शंकू नाई, अभिभावक परीक्षाओं से संबंधित विभागीय कार्य पूर्ण हो गए थे। उत्तरपुस्तिकाओं का प्रकाशन हो चुका था। पेपर भी छपने वाले थे। प्रोसीडिग जारी थी, लेकिन कोरोना काल के चलते परीक्षाएं रद्द करने का निर्णय लिया गया है। फीस वापसी की कोई उम्मीद नहीं है और न ही इस संबंध में परिषद की ओर से कोई दिशा निर्देश मिले हैं।

- एसपी सिंह, डीआईओएस

Edited By: Jagran