कासगंज : जिले की अमांपुर विधानसभा भी अहम है। देश के जाने माने गीतकार एवं कवि बलवीर रंग की जन्मभूमि भी इसी विधानसभा के क्षेत्र के गांव नगला कटीला में है। स्वर्गीय बलवीर सिंह रंग के नाम से विख्यात अमांपुर विधानसभा में सत्ता का रंग बदलता रहा है। अब जबकि चुनाव धीरे-धीरे शबाब पर आ रहा है तो गांव, गली और चौपालों में चुनावी चर्चाएं आम हो गई हैं।

शनिवार को दोपहर लगभग 12 बजे दैनिक जागरण की चुनावी बाइक कासगंज से अमांपुर विधानसभा की ओर चली तो कासगंज विधान की सीमा पर लगे गांव बाबूपुर के चौराहे पर सर्दी में दुकानों पर ग्राहक नहीं थे। एक मार्केट की गैलरी में कई लोग अलाव ताप रहे थे और वह चुनाव पर चर्चा कर रहे थे। राजेंद्र और कपूर के बीच दलों को लेकर मतभेद थे, तो उन दोनों को टोकते हुए राहुल ने बहस न करने की सलाह दी। बाइक आगे बड़ी तो स्वर्गीय कवि बलवीर रंग के गांव नगला कटीला में चौपाल पर पहुंची, जहां चौपाल सूनी पड़ी थी। लेकिन, एक घर के बाहर चार युवक अलाव पर बैठे थे, जो चुनाव पर चर्चा कर रहे थे। उनमें रवेंद्र राजपूत का कहना था कि देश सुरक्षित होना चाहिए। सुरक्षा और न्याय प्रत्येक व्यक्ति की जरूरत है। अन्य तीनों साथियों ने हा में हा मिलाई।

आगे गांव बढ़ारी खुर्द, बढ़ारी कलां और भनूपुरा में भी लोग चुनावी चर्चा करते दिखे। बढ़ारी खुर्द में दल विशेष के समर्थन में थे लोग, वहीं भनूपुरा में विकास और रोजगार की युवक पहल कर रहे थे। 52 वर्षीय अमर सिंह का कहना था कि प्रदेश सुरक्षित हाथों में होना चाहिए। युवाओं को रोजगार मिले, देश का भविष्य सुनहरा हो।

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