कासगंज, संवाद सहयोगी: डा. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय की वर्ष 2005 की फर्जी बीएड डिग्री लगाने वाले बर्खास्त शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है। सर्वोच्च न्यायालय ने उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाते हुए शिक्षकों को वेतन देने के आदेश दिए हैं। इससे कासगंज जिले में भी बर्खास्त हुए शिक्षकों में उम्मीदों की किरण जाग गई है। हालांकि, अभी तक विभाग की ओर से शिक्षकों के लिए कोई सहूलियत नहीं दी गई है। इसको लेकर संबंधित शिक्षकों में बेचैनी है। वे आगे की कार्रवाई करने की योजना बना रहे हैं।

एसआइटी की जांच में कासगंज जिले के 90 शिक्षक फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी करते पाए गए थे। इन शिक्षकों को बेसिक शिक्षा विभाग ने बर्खास्त कर दिया था, लेकिन शिक्षकों ने उच्च न्यायालय में अपील की। यहां से पहले तो शिक्षकों को राहत मिली, लेकिन बाद में फिर से इनके वेतन पर रोक लगा दी गई। इस पर शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट का सहारा लिया। सुप्रीम कोर्ट ने सामूहिक याचिका पर सुनवाई करते हुए पिछले दिनों उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी। इसके बाद शिक्षकों में उम्मीदों की किरण जगी कि अब वेतन मिलने लगेगा, लेकिन अभी तक शिक्षकों को वेतन नहीं मिल पा रहा है। इसके पीछे कारण है कि बेसिक शिक्षा विभाग विधिक राय एवं उच्च अधिकारियों के आदेश का इंतजार कर रहा है। अभी पिछले दिनों ही कार्यभार संभाला है। क्या आदेश है और कितने बर्खास्त शिक्षकों के विरुद्ध क्या-क्या कार्रवाई हुई है। इसकी विस्तार से जानकारी करुंगा। उसके बाद ही कोई स्पष्ट जानकारी दे सकूंगा।

- राजीव कुमार, बीएसए

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