कासगंज, जागरण संवाददाता: शनिवार को गर्मी से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। सूर्य की तपन और उमस ने लोगों को परेशान कर दिया। विद्युत की ट्रिपिंग लोगों के लिए दिक्कत बन गई। बरसात के लिए आम जन आसमान की निहार रहे है। तापमान अधिकतम 43 व न्यूनतम 31 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। कस्बाई व ग्रामीण अंचलों में तीन दिन पूर्व बारिश हुई, लेकिन शहर में मात्र बूंदाबांदी होकर रह गई। जिससे वातावरण में उमस व गर्मी विद्यमान हो गई। शनिवार को गर्मी से लोग परेशान रहे। सुबह से ही आसमान से आग के गोले बरसे। कुछ इलाकों में विद्युत की आपूíत बाधित रही। जिसमें गर्मी से परेशान लोगों की परेशानी बढ़ा दी। घरों में महिलाओं को परेशानी का सामना करना परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह बाजारों में निकले लोग तेज धूप के चलते दोपहर को वापस अपने घरों को लौट गए और बाजार बेरौनक हो गए। लोग मानसून की राह देख रहे है और आसमान की ओर निहार रहे है। लोग अब यह उम्मीद लगाए बैठे कि भीषण गर्मी से बारिश के बाद ही निजात मिलेगी। बारिश की आस से आसमान की ओर निहार रहे है। मौसम की मार से रोगियों की संख्या बढ़ रही है। जिला चिकित्सालय व निजी चिकित्सकों के यहां अपच, डायरिया, वायरल फीवर के रोगियों की कतार लगी है।

बिजली संकट ने बढ़ाई पानी की किल्लत : वैसे तो शहर में पेयजल की व्यवस्था दुरूस्त है। मुख्य ट्यूबवैल के अलावा वार्डो में निजी ट्यूबवैल लगे है, लेकिन इनका संचालन बिजली से होता है। बिजली की कटौती होती है तो बस्तियों में पानी की समस्या होती है। शनिवार को शहर के गली सत्तार बैंड, बडी होली, अट्टा वाली गली, गली पल्लेदारान, गली धोबियान आदि क्षेत्रों में विद्युत की कटौती के कारण लोगों को पेयजल की समस्या से रूबरू होना पड़ा।

'इस मौसम में खानपान में थोड़ी सी असावधानी डायरिया, अपच जैसी बीमारी को जन्म दे देती है। दस्त, उल्टी के दौरान लापरवाही न बरते। चिकित्सक की सलाह से दवा लें।'

-डा. सुरेंद्र गुप्ता

फिजीशियन

Posted By: Jagran

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