कासगंज, संवाद सहयोगी : तीर्थस्थल की मांग को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन का शहर के युवा व्यापारियों ने भी समर्थन किया है। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने आंदोलन के संयोजक को समर्थन पत्र दिया। इसमें प्रदेश सरकार के मुखिया से सोरों को तीर्थ स्थल घोषित करने की मांग की। व्यापारियों का कहना है कि जिला पिछड़ा हुआ है। सोरों धार्मिक नगरी उत्तर भारत में विख्यात है। यहां प्रतिवर्ष नागा बाबाओं का कुंभ लगता है। इतना ही नहीं उत्तर भारत का सबसे बड़ा मेला मार्गशीर्ष लगाया जाता है। इसे बीते वर्ष ही सरकार ने सरकारी मेला घोषित किया है। जिले के औद्योगिक एवं व्यवसायिक विकास के लिए सोरों को तीर्थस्थल घोषित करना चाहिए।

व्यापारिक ²ष्टिकोण से जिला पिछड़ा हुआ है। सोरों धार्मिक नगरी जिले की शान है। इसे तीर्थ स्थल का दर्जा मिलने से यहां कारोबार मिलेगा। जिले का विकास होगा।

- देव प्रकाश लोधी, युवा जिलाध्यक्ष, भारतीय उद्योग व्यापार मंडल धार्मिक नगरी को छला जा रहा है। तमाम नेताओं ने इसे तीर्थस्थल घोषित करने का वादा किया है। अब प्रदेश और केंद्र में भाजपा की सरकार है। स्थानीय निकाय पर भी भाजपा का कब्जा है। तीर्थस्थल घोषित होना चाहिए।

- गुंजन अग्रवाल, युवा व्यापारी नेता धार्मिक नगरी सोरों का ऐतिहासिक महत्व है। पुराणों में भी इसका उल्लेख है। सरकार को इसे नजर अंदाज नहीं करना चाहिए। यहां के लोग वर्षों से तीर्थस्थल घोषित करने की मांग कर रहे हैं। योगी सरकार से उम्मीद है कि इसे पूरा किया जाएगा।

- अंकित जैन, युवा नगर अध्यक्ष व्यापार मंडल प्रदेश से उत्तराखंड अलग होने के बाद तीर्थस्थलों का प्रदेश में अभाव है। मथुरा, वृंदावन को कुछ क्षेत्र को हाल ही में तीर्थस्थल घोषित किया गया है। सरकार से मांग है कि धार्मिक नगरी सोरों को भी तीर्थस्थल घोषित करे।

- अश्वनी चतुर्वेदी, युवा व्यापारी

Edited By: Jagran