सोरों, संवाद सूत्र: धार्मिक नगरी सोरों को तीर्थ स्थल घोषित करने की मांग को लेकर सूकर क्षेत्र संयुक्त विकास मोर्चा आंदोलन चला रहा है। इसी क्रम में रविवार को कस्बा के दर्जनों लोगों ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। प्रदेश के मुख्यमंत्री से सोरों को तीर्थस्थल घोषित करने की मांग की। लोगों का कहना है कि यह आंदोलन तब तक चलता रहेगा जब तक कि प्रदेश सरकार सोरों को तीर्थस्थल घोषित नहीं कर देती है। उल्लेखनीय है कि स्थानीय लोग काफी समय से सोरों को तीर्थस्थल घोषित करने की मांग कर रहे हैं।

अधिवक्ता केशव प्रसाद मिश्रा ने कहा कि सूकर क्षेत्र सोरों कासगंज जिले का ही नहीं वरन उत्तर भारत का महत्वपूर्ण तीर्थ स्थान है। यहां पर लाखों की संख्या में प्रतिवर्ष कई प्रदेशों से श्रद्धालु धार्मिक अनुष्ठान के लिए आते हैं। सोरों को सरकार बिना किसी भेदभाव के तीर्थ स्थल घोषित करें। रिकू पचौरी ने कहा कि चुनाव के दौरान भाजपा के बड़े नेताओं ने सोरों को तीर्थस्थल घोषित करने का वादा किया था। अब वह अपने वादे से मुकर रहे हैं। आंदोलन संयोजक भूपेश शर्मा ने बताया कि रविार को लगभग कई दर्जन युवाओं में सोरों को तीर्थस्थल घोषित करने की मांग को लेकर अर्धनग्न प्रदर्शन कर उत्तर प्रदेश सरकार से सोरों को तीर्थ स्थल घोषित करने की मांग की है। अभयराज मिश्रा, राधाकृष्ण, रामदास, कपिल पंडित, श्याम दीक्षित, मनोज चौधरी, शंभू उपाध्याय, राधे उपाध्याय, राधेश्याम, गिरीश मेहेरे, राधेश्याम काका, राधारमण, रामदास विश्वकर्मा, मोना महेरे, प्रमोद उपाध्याय, बबलू वाल्मीकि, मोना बघेल, राम उपाध्याय, रोहित तिवारी, सीताराम तिवारी, अनुपम मिश्रा, अणु अशोक पांडे, सचिन भारद्वाज, माधव तिवारी, प्रशांत वशिष्ठ मौजूद रहे।

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