कासगंज, संवाद सहयोगी : सूकर क्षेत्र संयुक्त विकास मोर्चा द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन को शहर के साहित्यकारों ने समर्थन दिया है। मांग को सही बताते हुए आंदोलन में भाग लेने का निर्णय लिया है। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से धार्मिक नगरी सोरों को तीर्थस्थल घोषित करने की मांग की है।

साहित्यकार अनुपम मिश्रा के चित्रगुप्त कालोनी आवास पर साहित्यकारों की बैठक हुई। इसमें अनुपम मिश्रा ने कहा कि सूकर क्षेत्र सोरों हिदू धर्म में एक बहुत बड़ा तीर्थ स्थान है। यह ग्रंथों और पुराणों में भी वर्णित है। अगर तीर्थों का विकास हिदूवादी सरकार में नहीं होगा तो हम कौन सी सरकार से आस लगा सकते हैं। युवा साहित्यकार अश्लेषा मिश्र ने बताया कि सूकर क्षेत्र सोरों प्राचीनतम पवित्र तीर्थस्थान है। इसमें कोई शक नहीं है। सरकार की उपेक्षा का शिकार होने के कारण जनसुविधाओं का अभाव होना दुर्भाग्यपूर्ण है। ये स्थान अपने आप में पर्यटन का एक बड़ा केंद्र बन सकता है। इससे सरकार की आय में भी वृद्धि होगी। मातृशक्ति मीरा शर्मा साहित्यकार ने बताया कि सूकर क्षेत्र सोरों को जल्द ही तीर्थस्थल की सूची में शामिल नहीं किया गया तो एक बड़ा साहित्य सम्मेलन आयोजित कर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। सत्यप्रभा वशिष्ठ, वेद प्रकाश, भूपेश शर्मा, रोशन लाल, अशोक, कैलाश चंद्र, नीरा शर्मा, उमेश पाठक, केशव पांडे, अनीता माहेश्वरी, ज्योति माहेश्वरी, अनुज वशिष्ठ, अशोक कुमार पांडे मौजूद रहे। युवा शक्ति ने वराह मंदिर पर दिया धरना

राष्ट्रीय युवा शक्ति प्रमुख प्रदीप रघुनंदन के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं एवं कस्बावासियों ने हरि की पौड़ी स्थित वराह मंदिर में सोरों को तीर्थस्थल घोषित करने की मांग को लेकर धरना दिया। उन्होंने कहा कि धार्मिक नगरी को तीर्थस्थल घोषित करने के लिए राष्ट्रीय युवा शक्ति हर संघर्ष को तैयार है। उन्होंने कहा कि अब इस मांग को लेकर सरकार से आर-पार की लड़ाई है। किशोर शर्मा, मेहर विक्रम मिश्रा, नरेश, मोहम्मद हारून, सत्यपाल सिंह, रामदुलारे, दिनेश यादव, रामप्रकाश शर्मा, मुल्तान सिंह, सुखवीर कठेरिया, भगवान दास मौर्य, सरदार लक्खा सिंह, सतनाम सिंह, तुलाराम वर्मा, महीपाल सिंह, लोकेश मिश्रा, वैभव शर्मा, राज गुप्ता मौजूद रहे।

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