कासगंज, संवाद सहयोगी : परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए स्मार्ट क्लास बनाई जा रही हैं। शासन के अनुदान के बिना शिक्षक स्वयं स्मार्ट क्लास बनाने में जुटे हैं। आपस में एवं स्वयंसेवियों के सहयोग से धनराशि एकत्रित कर रहे हैं और उससे स्मार्ट टीवी और प्रोजेक्टर खरीदकर कक्षा में लगा रहे हैं।

जिले में अधिकारियों ने जब शिक्षकों को बच्चों की शिक्षा के प्रति संवेदनशीलता का पाठ पढ़ाया और उन्हें आपसी सहयोग से स्कूलों में स्मार्ट क्लास बनाने के लिए प्रेरित किया तो फिर एक के बाद एक स्कूलों में स्मार्ट क्लास बनने लगीं। शिक्षकों में होड़ लग गई। इसके लिए शिक्षक आपस मे धन संग्रह कर स्मार्टक्लास बनाने में जुटे हैं। कुछ शिक्षकों ने प्रयास किया तो स्वयंसेवी भी इस काम मे मदद करने लगे। वर्तमान में जिले के सभी विकास खंडों में 360 से अधिक स्मार्ट क्लास बनाई जा चुकी हैं और अनवरत जारी हैं। इस कार्य में खंड शिक्षा अधिकारी गंजडुंडवारा श्रीकांत पटेल हैं और दूसरे नंबर पर अंकित मिश्रा खंड शिक्षा अधिकारी पटियाली हैं। आंकड़ों की नजर में।

विकास खंड वार स्मार्ट क्लास

- सहावर : 75

- सिढ़पुरा : 102

- सोरों : 71

- गंजडुंडवारा : 169

- पटियाली : 106

- अमांपुर : 52

- कासगंज- : 67 बीएसए एवं खंड शिक्षाधिकरियों की प्रेरणा से यह कार्य किया जा रहा है। सभी विकास खंडों में शिक्षकों द्वारा स्मार्ट क्लास बनाने का प्रयास जारी है।

- रतन प्रकाश, शिक्षक स्मार्ट क्लास का उद्देश्य बच्चों की शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाना है। सभी शिक्षक इस कार्य मे पूरी लगन के साथ लगे हैं।

- पूजा यादव, शिक्षिका जिले में शिक्षक आपसी सहयोग से स्मार्ट क्लास बना रहे हैं। शिक्षकों का प्रयास सराहनीय है। वह बधाई के पात्र हैं।

- राजीव कुमार बीएसए

Edited By: Jagran