पितृपक्ष में सोरों शूकर क्षेत्र में उमड़ा आस्था का सैलाब, हरिपदी गंगा में हजारों ने किया पितृ तर्पण
पितृपक्ष में मोक्षदायिनी सोरों शूकर क्षेत्र में आस्था का सैलाब उमड़ा है, जहां देश के विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालु ...और पढ़ें

सोरों में हरिपदी गंगा के घाट पर पिंडदान करते लोग।
संवाद सूत्र, सोरों (कासगंज)। पितृपक्ष में मोक्षदायिनी तीर्थनगरी सोरों शूकर क्षेत्र में आस्था का सैलाब उमड़ा है। देश के विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालु हरिपदी गंगा घाट पर पहुंचकर पितरों की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान और जलदान कर रहे हैं। तमिलनाडु से बुधवार को छह सौ श्रद्धालु तर्पण को पहुंचे। इसके साथ ही महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान सहित कई राज्यों से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहा।
हरिपदी पर तीर्थ पुरोहितों के मार्गदर्शन में श्रद्धालु विधि-विधान से पिंडदान कर ब्राह्मणों को भोजन कराया और दान-दक्षिणा दी। हाथरस के मेड़ू से भी श्रद्धालु सोरों पहुंचे। लड्डू वाले बालाजी घाट पर पंडित शशिधर द्विवेदी ने अनुष्ठान संपन्न कराए। पितृकर्म के बाद श्रद्धालु भगवान वराह मंदिर में दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और पितरों की सद्गति की कामना की।
मंदिर के महंत नरेश त्रिगुणायत ने बाहर से आए श्रद्धालुओं का स्वागत किया। इसी क्रम में टूर टाइम्स ग्रुप के फाउंडर गणेश चेन्नई वाले के नेतृत्व में तमिलनाडु से आए 600 श्रद्धालुओं ने आचार्य नरेश त्रिगुणायत और आचार्य शंभू गोस्वामी के सानिध्य में पिंडदान, जलदान और तर्पण किया। हैदराबाद से आए आचार्य रमेश उपाध्याय, आचार्य विकटेश्वर शर्मा सहित 11 ब्राह्मणों ने विधि संपन्न कराई।
वराह मंदिर में पूजन के बाद श्रद्धालुओं ने तीर्थनगरी के दर्शनीय स्थलों का भ्रमण किया। पंडित शशिधर द्विवेदी ने बताया कि पितृ पक्ष में प्राचीन तीर्थ सोरों में आकर पूर्वजों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करना विशेष धार्मिक महत्व रखता है। पितरों के प्रति श्रद्धा निवेदित करने के लिए लोग लंबी दूरी तय कर यहां पहुंच रहे हैं।
पितृ पक्ष के चलते हरिपदी स्थित लड्डू वाले बालाजी घाट, भगवान वराह मंदिर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की चहल-पहल बनी रही। भगवान बराह के मंदिर पर भी चहन पहल रही। श्रद्धालु भी भगवान दर्शन कर रहे हैं। हर तरफ श्रद्धा और आस्था का माहौल है। बड़ी संख्या में अन्य प्रांतों से भी लोग पंहुच रहे।
