मार्गशीर्ष मेला के लिए पहुंचने लगे साधु और संन्यासी
सोरों संवाद सूत्र तीर्थ नगरी का मार्गशीर्ष मेला 11 दिसंबर से शुरू होगा।

सोरों, संवाद सूत्र : तीर्थ नगरी का मार्गशीर्ष मेला 11 दिसंबर से शुरू होगा। मेले को लेकर पालिका प्रशासन तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। मेले में नागा साधुओं के आलावा संत और संन्यासी भी पहुंचने लगे हैं। साधुओं ने आश्रमों में डेरा डाला लिया है।
कोरोना के चलते बीते दो वर्ष तीर्थ नगरी का मेला नहीं लगा था। एकादशी, द्वादशी और पूर्णिमा का स्नान भी प्रतिबंधों के चलते फीका रहा था। इस बार मेले का आयोजन हो रहा है। बीते 15 दिनों से पालिका प्रशासन तैयारियों में जुटा है। खेल, खिलौने, झूले, सर्कस वालों ने मेले में पहुंचकर अपनी दुकानें सजा ली हैं। वहीं दूर क्षेत्रों से नागा साधुओं, संत और संन्यासी भी मेले में पहुंचने लगे हैं। मेले में प्रतिवर्ष नागा साधुओं की शाही सवारी निकलती है। इसमें में सैकड़ों की संख्या में नागा साधुओं के अलावा संत और सन्यासी भी भाग लेते हैं। तीर्थ नगरी में नागा साधुओं के साथ-साथ संत और संन्यासियों के पहुंचने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। 11 दिसंबर से मेला प्रारंभ होकर 25 दिसंबर तक चलेगा। मेले को लेकर जिला प्रशासन, पुलिस ने भी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया है। मेले में बनाया जाएगा थाना
एसपी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि मेले में सुरक्षा की ²ष्टि से मेला थाना लगाया जाएगा। इसमें इंस्पेक्टर, उपनिरीक्षक, महिला आरक्षी की तैनाती की जाएगी। मेले में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था फैलाने वालों पर कार्रवाई होगी। मेले में फूहड़ प्रदर्शन नहीं होगा। यह हैं मार्गशीर्ष माह के प्रमुख नहान
- 14 दिसंबर मोक्षदा एकादशी
- 15 दिसंबर द्वादशी
- 18 दिसंबर मार्गशीर्ष पूर्णिमा मेले को लेकर तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। मेला भव्यता के साथ लगाया जा रहा है। मेले में आने वाले दर्शनार्थियों के लिए सभी व्यवस्था की गई हैं।
- संत कुमार सरोज, ईओ नगर पालिका सोरों

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