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सोरों, संवाद सूत्र। रविवार सुबह भावपुर में एक मकान का लेंटर गिरने से दादी-नाती की मौत हो गई। तेज आवाज सुनकर परिजन जागे। आसपास के घरों में रहने वाले ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने मलबा हटाकर दबे हुए दादी-नाती को निकाला, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो गई थी। इससे परिजनों में चीख-पुकार मच गई। मौके पर थाना पुलिस भी पहुंच गई।

घटना सोरों कोतवाली क्षेत्र के गांव भावपुर में हुई। नत्थूसिंह की पत्नी 65 वर्षीय सोमवती रोज की तरह घर के कमरे में सो रही थी। 12 वर्षीय नाती संजू पुत्र हरिचंद्र भी अपनी दादी के पास सो रहा था। बताया जाता है कि सुबह चार बजे तेज आवाज के साथ में कमरे का लेंटर गिर पड़ा। धमाके की आवाज के साथ में अंदर सो रहे परिजन भी जाग गए। चीख-पुकार सुन कर वह बाहर की तरफ दौड़े तो सोमवती के कमरे का लेंटर गिरा देख कर चीख निकल गई। इस दौरान आस-पास के ग्रामीण भी यहां पहुंच गए। ग्रामीणों की मदद से परिजनों ने लेंटर का मलबा हटाना शुरू कर दिया। करीब एक घंटे की मेहनत के बाद मलबा हटा। इसके बाद परिजन इन्हें लेकर अस्पताल की तरफ दौड़े, जहां पर चिकित्सकों ने इन्हें मृत घोषित कर दिया।

ईंटों का था लेंटर : शहर से लेकर देहात तक जर्जर मकान हादसों का सबब बन रहे हैं। तवालपुर में एक दुकान का लेंटर गिरने से दो बच्चों की मौत हो गई थी। शनिवार को गंजडुंडवारा में भी मकान का लेंटर गिरने से दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वहीं इससे पहले सहावर में भी मकान के बाहर बरामदे का छच्जा गिरने की घटना हुई थी।

Posted By: Jagran

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