कासगंज, जागरण संवाददाता। एक शिक्षिका ने अपनी जगह स्कूल में पढ़ाने के लिए रसोइया ही रख ली। खाना बनाने वाली रसोइया को ही बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी सौंप दी। महीनों से चल रहे इस खेल का खुलासा शुक्रवार को उस वक्त हुआ, जब बीएसए एकाएक स्कूल में निरीक्षण के लिए पहुंची। बच्चों ने शिक्षिका के महीने से न आने की पोल खोली तो रसोइया ने भी सच बयां कर दिया। शिक्षिका का वेतन रोकते हुए नोटिस जारी किया जा रहा है।

सोरों ब्लॉक क्षेत्र के उच्च प्राथमिक स्कूल गडरपुरा में शुक्रवार को बीएसए अंजलि अग्रवाल निरीक्षण करने पहुंची तो यहां पर सिर्फ रसोइया थी। स्कूल में शिक्षिका रागिनी यादव और सरिता शर्मा तैनात हैं। शिक्षकों के पूछने पर पता चला कि सरिता शर्मा के बच्चे की तबियत खराब है लिहाजा आज नहीं आई हैं। इस दौरान बच्चों ने रागिनी मैडम के नवंबर से स्कूल में न आने के संबंध में बताया। बीएसए द्वारा बच्चों से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उनकी जगह पर रसोइयां पढ़ाती हैं। रसोइया से पूछने पर पता चला कि वह इंटर पास है तथा नवंबर से रागिनी नहीं आई है। उससे कहा कि वह पढ़ा दिया करे तो पढ़ाने लगी। वहीं कुछ ग्रामीणों ने लंबे वक्त से न आने की शिकायत की। इस पर बीएसए ने रागिनी का वेतन रोकते हुए उसे नोटिस जारी किया है। विभाग द्वारा खंड शिक्षाधिकारी को भी नोटिस जारी किया जाएगा।

दो हजार रुपये मिलते थे रसोइया को :35-40 हजार रुपये सरकार से पगार पाने वाली शिक्षिका द्वारा रसोइया को बच्चों को पढ़ाने के लिए दो हजार रुपये दिए जाते थे। इस बात का पर्दाफाश भी बीएसए की जांच में हुआ है। इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

दूसरी शिक्षिका पहुंची दफ्तर :

इधर दूसरी शिक्षिका सरिता शर्मा को जब बीएसए के निरीक्षण की जानकारी मिली तो वह भी शाम को बीएसए दफ्तर पहुंच गई। बच्चे की बीमारी की बात बताते हुए कहा कि आज की छुट्टी के संबंध में बता दिया था।

--------

'रागिनी यादव के द्वारा अपनी जगह रसोइया से पढ़वाने की जानकारी मिली है। सरिता शर्मा भी गैरहाजिर थी, स्कूल में रजिस्टर भी नहीं मिल सका। रागिनी का वेतन रोकते हुए नोटिस दिया जा रहा है। दोषी पाए जाने पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी।'

-अंजलि अग्रवाल

जिला बेसिक शिक्षाधिकारी

Posted By: Jagran