जासं, कासगंज: गंगा नदी में बैराजों से छोड़ा जा रहा लाखों क्यूसेक पानी छह दर्जन गांव को खतरे के मुहाने पर ले आया है। आशंका के मद्देनजर जिला प्रशासन ने हाईअलर्ट जारी कर दिया है। जलस्तर पर निगरानी के लिए पांच विभागों को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं सभी उपजिलाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में निरंतर निरीक्षण करेंगे, तो राजस्व निरीक्षक गांव में डेरा जमाएंगे। इधर ग्रामीण त्राहि-त्राहि कर उठे है।

गंगा फिलहाल रौद्र रूप पर है। गंगा में बैराजों से हर रोज पानी छोड़ा जा रहा है। अब तो एक साथ लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो तेजी के साथ जलस्तर बढ़ा रहा है। ऐसा लगातार होता रहा तो स्थित गंभीर बाढ़ की आ जाएगी। स्थिति को भांपते हुए जिला प्रशासन ने हाईअलर्ट जारी किया है तो रेल प्रशासन को भी सतर्कता बरतने को पत्र लिखा है। डीएम आरपी ¨सह ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए है कि वह अपने-अपने क्षेत्रों में निरंतर निरीक्षण कर गंगा नदी की निगरानी करें। बैराजों से जो पानी छोड़ा जा रहा है, वह बाढ़ के खतरे की आशंका बढ़ा रहा है। राजस्व निरीक्षक और लेखपाल गांव में डेरा जमाए, जरुरत पड़ने पर रात्रि प्रवास भी करें। अवकाश पर रोक

गंगा नदी की निगरानी से जुड़े पांच विभागों के कर्मचारियों की छुट्टी पर रोक लगा दी गई है। डीएम ने सभी विभागाध्यक्षों से कहा है कि कर्मचारियों को फिलहाल छुट्टी न दी जाए। इन विभागों में ¨सचाई विभाग, राजस्व विभाग, सेतु निगम, जल निगम और लोक निर्माण विभाग शामिल है। पानी का डिस्चार्ज

गंगा नदी में बुधवार को हरिद्वार बैराज से 56 हजार, बिजनौर से 1.31 लाख और नरौरा बैराज से 2.01 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा का जलस्तर मंगलवार की अपेक्षा पांच सेमी. बढ़कर 163.65 मीटर हो गया है जो खतरे के निशान की ओर बढ़ने लगा है। गंगा नदी में पानी का स्तर बढ़ रहा है। कई गांवों तक पानी पहुंच गया है। इसके मद्देनजर निगरानी बढ़ा दी गई है। सभी कर्मचारियों को निर्देश दिए गए है कि वह काम में ढिलाई न बरते, बाढ़ नियंत्रण कक्ष भी पूरी तरह सक्रिय है। -- कमलेश कुमार, अधिशासी अभियंता, ¨सचाई

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