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कासगंज में रिटायर्ड ADM हत्याकांड: भतीजे को आजीवन कारावास, पत्नी बोलीं- पति की आत्मा को शांति मिली

By Suman Kumar Edited By: Prateek Gupta
Published: Tue, 13 Oct 2026 08:29 PM (IST)

कासगंज में सेवानिवृत्त एडीएम राजेंद्र प्रसाद की हत्या के मामले में उनके मुंह बोले भतीजे धर्मेंद्र कश्यप को आजीवन कारावास ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. मुंह बोले भतीजे धर्मेंद्र कश्यप को अदालत ने दोषी ठहराया।

  2. चोरी छिपाने के लिए की थी हत्या, पत्नी को मिला न्याय।

जागरण संवाददाता, कासगंज। कासगंज क्षेत्र के मामो स्थित मीनाक्षी गेस्ट हाउस के मालिक सेवानिवृत्त एडीएम राजेंद्र प्रसाद की हुई हत्या के मामले में उनके मुंह बोले भतीजे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। एडीएम प्रथम रत्नेश कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने भतीजे धर्मेंद्र कश्यप को दोषी करार दिया। सजा सुनाए जाने के बाद एडीएम की पत्नी ने कहा कि मेरे पति की आत्मा को अब शांति मिलेगी, मुझे न्याय मिला है।

दोषी ने गेस्ट हाउस में चोरी की थी। पकड़े जाने के भय से उसने हत्या कर दी थी। कोतवाली कासगंज क्षेत्र के मामों स्थित मीनाक्षी गेस्ट हाउस के मालिक रिटायर्ड एडीएम राजेंद्र प्रसाद का शव 21 जनवरी 2025 को गेस्ट हाउस में खून से लथपथ मिला था। उनकी सब्बल से प्रहार कर हत्या की गई थी। घटना के बाद आरोपित धर्मेंद्र कश्यप खून से सने कपड़े उतारकर गेस्ट हाउस पहुंचा और स्वजन व पुलिस को सूचना दी।

मृतक के बेटा शुभम कश्यप की तहरीर पर अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस की विवेचना में नगला कंचन निवासी धर्मेंद्र कश्यप पुत्र सुरेश का नाम सामने आया। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने साक्ष्य संकलन और विवेचना पूरी कर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी अनिल कुमार सिंह ने पैरवी की।

विवेचक निरीक्षक लोकेश भाटी, कोर्ट पैरोकार हेड कांस्टेबल राजेश कुमार और कोर्ट मोहर्रिर कांस्टेबल पंकज कुमार ने भी सहयोग किया। गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपित को दोषसिद्ध कर सजा सुनाई।

चोरी छिपाने के लिए की थी हत्या

मृतक की पत्नी मीना कुमारी ने बताया कि गेस्ट हाउस में पुताई के दौरान उनकी धर्मेंद्र से मुलाकात हुई थी। गांव में रिश्तेदारी के चलते वह उन्हें बुआ और उनके पति को फूफा कहने लगा था। वह कई बार गाजियाबाद स्थित घर भी आता-जाता था और अधिकतर समय गेस्ट हाउस में पति के साथ रहता था। मीना कुमारी के अनुसार, आरोपित ने उनकी गैर मौजूदगी में गेस्ट हाउस से सामान भी चोरी किया था।

चोरी छिपाने के लिए ही उसने उनके पति की हत्या कर दी। अदालत के फैसले से उन्हें राहत मिली है। उन्होंने कहा कि उनके पति को न्याय मिला है। इसके लिए वह पुलिस और न्यायालय की आभारी हैं।