जासं, कासगंज: सह-पर्यटक स्थल बनते ही जब तुलसी नगरी की सुंदरता निखरेगी तो यहां हरियाली के बीच सरोवर का आकर्षण भी अलग होगा। वातावरण चंदन की खुशबू से महकेगा। प्रशासन द्वारा आकर्षक डीपीआर तैयार कर शासन को 71 करोड़ का पहला एस्टीमेट भेज दिया गया है। इसकी स्वीकृति मिलते ही 41 करोड़ का एस्टीमेट और भी तैयार होगा। पुरोहितों को पोथी को अलग स्थान मिलेगा तो प्रशासन के प्रयास भी सराहे जाएंगे।

प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीर्थनगरी सोरों को पर्यटक स्थल घोषित करने का आश्वासन दिया, लेकिन प्रशासन और शासन के बीच हुई वार्ता के दौरान तय हुआ कि तीर्थनगरी सह-पर्यटक स्थल के रूप में विकसित होगी। यहां की सुंदरता तब निखरेगी जब पौराणिक महत्व को दर्शाते तमाम स्तंभ दिखाई देंगे और सबसे अधिक आकर्षक का केंद्र होगा सरोवर। इसके चारों ओर हरियाली सिंगार करेगी। पास में ही पार्क होगा, जहां पर्यटक तुलसी नगरी की आकर्षक तस्वीर देख सकेंगे। जिला प्रशासन द्वारा कुछ इसी तरह का पहला एस्टीमेट तैयार किया गया है। 71 करोड़ का यह एस्टीमेट आíकटेक्ट के डीपीआर पर तैयार हुआ है। सबसे बड़ी बात जिला प्रशासन ने इस डीपीआर का प्री-प्रजेंटेंशन होते ही एस्टीमेट शासन को भेज दिया है। प्रशासन की योजना यहीं खत्म नहीं हुई है। इस रुपये से तो पौराणिक महत्व के संकेतक तैयार होंगे और आकर्षण के लिए सरोवर पार्क, वन वाटिकाएं तैयार की जाएगी। इससे अगली योजना है कि यदि यह एस्टीमेट जल्द पास हो गया तो फिर 41 करोड़ का एस्टीमेट और भी तैयार होगा। इस रुपये से कासगंज से लहरा घाट और सोरों के चारों तरफ परिक्रमा मार्ग विकसित होगा। इस मार्ग के चारों ओर फल-फूल, औषधि के वृक्ष ही नहीं बल्कि चंदन के पौधे भी लहलहाएंगे। भक्तिमय वातावरण के बीच सोरों महकता रहेगा। पुरातत्व विभाग का सहयोग जरुरी

प्रशासन ने अभी तक पुरातत्व विभाग की धरोहरों की सुंदरता को योजना तैयार नहीं की है। ऐसे में इस विभाग के सहयोग की महती आवश्यकता दिखाई दे रही है। जल्द बदलेगी सोरों की तस्वीर

पहला एस्टमेट शासन को भेज दिया गया है। वहां से हरी झंडी मिलते ही आकर्षण का काम शुरू कर दिया जाएगा। उसके बाद दूसरा एस्टीमेट जाएगा। सोरों में सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र सरोवर होगा, जहां भक्ति सरावोर होगी। पूरी तरह बेहतर योजना तैयार की गई है। आरपी ¨सह, डीएम

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