चाय बनाते में धमाके के साथ फटा सिलिंडर, कासगंज में मकान ढहा; किशोर की मौत
कासगंज के नगला भूरा गांव में चाय बनाते समय गैस सिलिंडर फटने से हुए भीषण विस्फोट में 14 वर्षीय किशोर ...और पढ़ें

सिलिडंर फटने से क्षतिग्रस्त मकान और इनसेट में मृतक किशोर का फाइल फोटो।
जागरण संवाददाता, कासगंज। शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला भूरा गांव में शुक्रवार दोपहर 2 बजे चाय बनाते समय गैस सिलिंडर में आग लगने के बाद हुए विस्फोट से बड़ा हादसा हो गया। धमाके के कारण मकान का लिंटर और दीवारें ढह गईं। मलबे में दबकर 14 वर्षीय किशोर प्रियांशु की मृत्यु हो गई। हादसे के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई। तमाम ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
सूचना मिलते ही पुलिस, अग्निशमन विभाग और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच पड़ताल शुरु कर दी। शुक्रवार दोपहर नगला भूरा में गैस सिलिंडर फटने से मकान का हिस्सा गिरने की सूचना मिली। इसके बाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। बताया गया कि शीलेंद्र सिंह का 14 वर्षीय पुत्र प्रियांशु घर में चाय बना रहा था।
इसी दौरान आग लग गई और कुछ ही देर में तेज धमाका हो गया। विस्फोट से मकान का लिंटर और दीवारें ढह गईं, जिससे प्रियांशु मलबे में दब गया। घटना के समय परिवार के कुछ सदस्य घर से बाहर थे, जबकि शीलेंद्र की पत्नी कविता मकान के ऊपरी हिस्से में थीं।
धमाके के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। अपर पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार ने बताया कि नगला भूरा में गैस सिलिंडर से हादसे की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। एक किशोर की मृत्यु हुई है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
स्वजन के अनुसार, शीलेंद्र के पांच बच्चे हैं। जिसमें दो बेटे, तीन बेटियां हैं, सबसे बड़ी 16 वर्षीय बेटी उपासना, दूसरे नंबर का 14 वर्षीय बेटा प्रियांशु, 12 वर्षीय खुशबू, दस वर्षीय विवेक के अलावा चार वर्षीय भावना। प्रियांशु की मृत्यु से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
घटना की जानकारी मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक, सीओ सदर आंचल चौहान और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
प्रियांशु तिलक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कक्षा आठ का छात्र था। स्वजन ने बताया कि वह पढ़ाई में सबसे टापर आता था। स्कूूल से घर आने के बाद वह अपने छोटे छोटे बहन भाइयो को पढ़ता था और खुद भी पढता था। उसकी मृत्यु से स्वजन का रो रोकर बुरा हाल है।
