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कासगंज: गंगा का पानी फिर मचा सकता है तबाही, कछला पुल पर बढ़ा बाढ़ का खतरा

By Suman Kumar Edited By: Prateek Gupta
Published: Fri, 25 Sep 2026 07:30 PM (IST)

कासगंज में कछला पुल पर गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने का पूर्वानुमान है, जिससे अगले सात दिनों में बाढ़ का ...और पढ़ें

कासगंज में कछला घाट पर शुक्रवार को गंगा के जलस्तर में उछाल दर्ज किया गया।

कासगंज में कछला घाट पर शुक्रवार को गंगा के जलस्तर में उछाल दर्ज किया गया।

जागरण संवाददाता, कासगंज। कछला पुल पर गंगा नदी के जलस्तर को लेकर अगले सात दिनों का पूर्वानुमान चिंता बढ़ाने वाला है। बाढ़ पूर्वानुमान के अनुसार वर्तमान में गंगा का जलस्तर 161.10 मीटर दर्ज किया गया है। इसमें लगातार बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है।

पूर्वानुमान के मुताबिक अगले सात दिनों में जलस्तर अधिकतम 2.22 मीटर तक बढ़ सकता है। ऐसे में जलस्तर करीब 163.32 मीटर तक पहुंचने की संभावना है। कछला पुल पर गंगा का चेतावनी स्तर शुक्रवार को 161.80 मीटर और खतरे का स्तर 162.40 मीटर निर्धारित है। वहीं वर्तमान उच्चतम बाढ़ स्तर 163.02 मीटर दर्ज है।

पूर्वानुमानित अधिकतम जलस्तर 163.32 मीटर तक पहुंचने पर यह उच्चतम बाढ़ स्तर से भी करीब 30 सेंटीमीटर अधिक हो सकता है। इससे नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।

बाढ़ पूर्वानुमान के ग्राफ के अनुसार 29 सितंबर से गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने की संभावना है। 30 सितंबर से एक अक्टूबर के आसपास जलस्तर 163 मीटर के पार पहुंच सकता है। इसके बाद धीरे-धीरे जलस्तर में कमी आने का अनुमान है। हालांकि नदी का वास्तविक जलस्तर वर्षा और ऊपरी क्षेत्रों से आने वाले पानी की मात्रा पर निर्भर करेगा।

तटवर्ती इलाकों में बढ़ सकती है चिंता

जलस्तर बढ़ने की स्थिति में तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। लोगों को नदी के किनारे जाने से बचने और प्रशासन की ओर से जारी बाढ़ संबंधी सूचनाओं पर नजर रखने की सलाह दी गई है। पूर्वानुमान आइएमडी के वर्षा पूर्वानुमान पर आधारित है, इसलिए इसमें बदलाव भी संभव है।

गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। बाढ़ पूर्वानुमान के आधार पर संबंधित अधिकारियों को सतर्क किया गया है। जलस्तर में बढ़ोतरी होने पर तटवर्ती क्षेत्रों की स्थिति की निगरानी बढ़ाई जाएगी। वास्तविक स्थिति बारिश और नदी में आने वाले पानी की मात्रा के आधार पर स्पष्ट होगी।

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- संदीप कुमार, एसडीओ, सिचाई विभाग।