कासगंज में गंगा फिर उफान पर, खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा जलस्तर, निचले इलाकों में अलर्ट
कासगंज में नेपाल और उत्तराखंड की बारिश से गंगा का जलस्तर फिर बढ़ा है, जो खतरे के निशान से 7 ...और पढ़ें

कासगंज में गंगा का पानी एक बार फिर खेतों तक पहुंच गया है।
जागरण संवाददाता, कासगंज। नेपाल में सैलाब और उत्तराखंड में हुई तेज बारिश का असर गंगा के जलस्तर पर एक बार फिर दिखाई देने लगा है। पिछले दिनों तेजी से घटने के बाद गंगा का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। कछला गंगा घाट पर बुधवार को जलस्तर खतरे के निशान से सात सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया।
यानि एक दिन में 18 सेंमी की जलस्तर में वृद्धि से पटियाली तहसील क्षेत्र के निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन और सिंचाई विभाग ने तटवर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।
गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी का सबसे अधिक असर पटियाली तहसील क्षेत्र के गांवों में दिखाई दे रहा है। आधा दर्जन गांवों के आसपास खेतों और निचले रास्तों में बाढ़ का पानी फिर पहुंचने लगा है।
इससे ग्रामीणों के सामने आवागमन के साथ पशुओं के चारे की समस्या भी खड़ी हो गई है। ग्रामीण लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
बैराजों से जल प्रवाह
- हरिद्वार बैराज से- 1,10,750 क्यूसेक
- बिजनौर बैराज से- 93,907 क्यूसेक
- नरौरा बैराज से- 83,835 क्यूसेक
- खतरे का निशान - 162,40 मीटर
- लाल निशान से ऊपर- 162,47 मीटर
नेपाल में सैलाब और उत्तराखंड और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश के कारण गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। विभाग की टीमें तटबंधों और संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी कर रही हैं। जलस्तर पर हर घंटे नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को नदी के किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव के उपाय किए जाएंगे।
- शरद सौरभ गिरी, अधिशासी अभियंता।
