विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

कासगंज में खतरे के निशान से 10 सेमी ऊपर गंगा, आधा दर्जन गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा

By Suman Kumar Edited By: Prateek Gupta
Published: Thu, 03 Sep 2026 07:49 PM (GMT+05:30)

कासगंज के पटियाली तहसील में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 10 सेमी ऊपर पहुंच गया है, जिससे ...और पढ़ें

गंगा के पानी से घिरे ग्रामीण अब नाव का सहारा ले रहे हैं।

गंगा के पानी से घिरे ग्रामीण अब नाव का सहारा ले रहे हैं।

HighLights

  1. पटियाली तहसील के आधा दर्जन गांवों में बाढ़ का संकट।

  2. हजारों बीघा फसलें जलमग्न, आवागमन के लिए नाव का सहारा।

जागरण संवाददाता, कासगंज। गंगा नदी  के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच एक बार फिर गुरुवार को पटियाली तहसील क्षेत्र में बाढ़ का संकट गहरा गया है। कछला पुल पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से करीब दस सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने से आधा दर्जन गांवों की आबादी तक पानी भर गया है।

फसलें जलमग्न हो गई हैं। ग्रामीणों को आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। पटियाली तहसील क्षेत्र के मूज खेड़ा, नरपत नगला, जयकिशन नगला, खना, किशोल किलोनी गांवों में खेत और संपर्क मार्ग जलमग्न होने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई स्थानों पर पहले से खराब रास्ते गड्ढों और जलभराव के कारण और अधिक खतरनाक हो गए हैं

ग्रामीणों को पानी के बीच से रास्ता तलाशकर निकलना पड़ रहा है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। ग्रामीणों की हजारों बीघा फसल जलमग्न हो गई है। ग्रामीणों को कहना है कि अगर गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई तो, घरों में पानी भर जाएगा। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।

बैराजों से जल प्रवाह

  • 1,08,697 - हरिद्वार बैराज से
  • 74,503 - बिजनौर बैराज से
  • 83,835 - नरौरा बैराज से
  • 162,40 मीटर, खतरे का निशान
  • 162,50 मीटर, वर्तमान जलस्तर

गंगा के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। तटवर्ती और निचले क्षेत्रों में कर्मचारियों को अलर्ट किया गया है। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रभावित गांवों में आवश्यक बचाव एवं राहत व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। आने जाने के लिए नाव के इंतजाम कर दिए गए हैं।

-

-शरद सौरभ गिरी, अधिशासी अभियंता, सिचाई विभाग।