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गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर ऊपर, कासगंज में सड़कें कटीं; गांवों में घुसा पानी

By Suman Kumar Edited By: Prateek Gupta
Published: Wed, 26 Aug 2026 08:22 PM (IST)

कासगंज में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 10 सेमी ऊपर है, जिससे तटवर्ती गांवों में बाढ़ जैसे हालात ...और पढ़ें

गंगा नदी में उफान के चलते कासगंज के एक गांव में घुसा पानी।

गंगा नदी में उफान के चलते कासगंज के एक गांव में घुसा पानी।

जागरण संवाददाता, कासगंज। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश और बैराजों से गंगा में छोड़े जा रहे पानी के कारण नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। बुधवार को कछला घाट पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर ऊपर रहा। जलस्तर बढ़ने के साथ ही तटवर्ती गांवों में ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

पहले से बाढ़ के पानी से घिरे गांवों में संपर्क मार्ग प्रभावित होने के कारण लोगों को जरूरी सामान और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। हरिद्वार, बिजनौर और नरौरा बैराज से छोड़े जा रहे पानी का असर कछला घाट और आसपास के इलाकों में दिखाई दे रहा है। जलस्तर बढ़ने से नदी की धार में बदलाव और कटान का खतरा भी बढ़ गया है

पटियाली तहसील के नरदोली क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक गांव पानी से घिरे हैं। नगला नरपत, नगला हंसी, मुजखेड़ा, राजेपुर कुर्रा और नगला पदम समेत कई गांवों में संपर्क मार्ग और पुलिया कटने से आवागमन प्रभावित है। ग्रामीणों के अनुसार सड़क मार्ग बंद होने से बच्चों का स्कूल जाना, बीमारों को अस्पताल पहुंचाना और बाजार से दवा, दूध, सब्जी तथा अन्य जरूरी सामान लाना मुश्किल हो गया है।

खेतों में पानी भरने से फसलों पर संकट

गंगा का पानी खेतों तक पहुंचने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। कई स्थानों पर फसलें जलमग्न होने की स्थिति में हैं। किसानों को आशंका है कि जलस्तर और बढ़ा तो खड़ी फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। कटान के कारण उपजाऊ मिट्टी बहने का भी खतरा बना हुआ है।

पशुओं के चारे की समस्या

बाढ़ प्रभावित इलाकों में पशुओं के लिए चारा जुटाना भी चुनौती बन गया है। जिन रास्तों से किसान चारा लाते थे, वहां पानी भरने से आवागमन बंद है। कई पशुपालक नाव से चारा लाने को मजबूर हैं। जलस्तर बढ़ने पर पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना भी मुश्किल हो सकता है।


गंगा के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। बैराजों से छोड़े जा रहे पानी और नदी के जलस्तर की स्थिति पर नजर है। संवेदनशील स्थानों पर बाढ़रोधी कार्य कराए जा रहे हैं। कटान वाले क्षेत्रों में भी आवश्यकतानुसार बचाव कार्य कराए जा रहे हैं। ग्रामीणों को जलभराव वाले स्थानों पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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- जितेंद्र अग्रवाल, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग, कासगंज।