कासगंज में गंगा का कहर: चार तटबंध बहे, किशोल-किलोनी में तेज कटान से ग्रामीण चिंतित
कासगंज में गंगा का जलस्तर घटने के बावजूद किशोल और किलोनी की ओर कटान तेज हो गया है। सुरक्षा के ...और पढ़ें
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कासगंज में गंगा का पानी तटबंध तोड़ चुका है।
जागरण संवाददाता, कासगंज। गंगा के जलस्तर में शुक्रवार को सात सेंमी की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन जलस्तर कम होने के बावजूद नदी का कटान तेज हो गया है। किशोल किलोनी की ओर गंगा की धारा लगातार तेजी से कटान कर रही है। यहां सुरक्षा के लिए बनाई गई 12 तटबंधों में से चार गंगा की तेज धारा में समा चुके हैं।
इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों को अब खेतों के साथ आबादी और संपर्क मार्ग कटने के बाद घरों में पानी घुसने की चिंता सताने लगी है।
गुरुवार की अपेक्षा शुक्रवार को गंगा के जलस्तर में सात सेंमी की कमी आई है। हालांकि, जलस्तर में गिरावट के बाद भी नदी की धारा का दबाव किशोल और किलोनी की ओर बना हुआ है। कटान के कारण कई स्थानों पर खेतों की मेड़ और किनारे की मिट्टी लगातार नदी में समा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि 12 तटबंधों में से चार के गंगा में समा जाने से नदी की धारा का दबाव बढ़ गया है। यदि कटान नहीं थमा तो कृषि भूमि के साथ आसपास की आबादी के लिए भी खतरा बढ़ सकता है।बाढ़ का पानी पहले से ही करीब एक दर्जन गांवों को घेरे हुए है। कई संपर्क मार्गों पर पानी भरने से ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित है।
बैराजों से जल प्रवाह
- हरिद्वार बैराज से-62,127 क्यूसेक
- बिजनौर बैराज से-54,706 क्यूसेक
- नरौरा बैराज से- 86,985 क्यूसेक
- खतरे से ऊपर -17 सेंमी
गंगा के जलस्तर और कटान की लगातार निगरानी की जा रही है। किशोल किलोनी की ओर कटान वाले स्थानों पर विभागीय टीम नजर बनाए हुए है। ठोकरों और तट की स्थिति का भी निरीक्षण किया जा रहा है। जहां आवश्यकता है, वहां उपलब्ध संसाधनों के अनुसार बचाव कार्य कराया जा रहा है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
- संदीप जैन, एसडीओ, सिंचाई विभाग।
