कासगंज में गंगा का पानी लेकर आया तबाही, कटान जारी; दर्जनों गांव पानी से घिरे
कासगंज के किशोल किलोनी क्षेत्र में गंगा नदी का कटाव लगातार जारी है, जिससे गोला मढ़ी आश्रम भी खतरे में ...और पढ़ें

कासगंज में गुरुवार को गंगा का जलस्तर।
जागरण संवाददाता, कासगंज। गंगा नदी के लगातार बढ़ते कटाव से किशोल किलोनी क्षेत्र में खतरा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। कटाव रोकने के लिए सिंचाई विभाग की ओर से करीब चार करोड़ रुपये खर्च किए जाने के बावजूद जमीन का कटाव जारी है। अब गोला मढ़ी आश्रम भी कटाव के मुहाने पर पहुंच गया है। स्थिति को देखते हुए सिंचाई विभाग ने बचाव कार्य शुरू करा दिया है।
आश्रम को खाली करा लिया गया है, ताकि किसी तरह की अनहोनी से बचा जा सके। किशोल किलोनी क्षेत्र में गंगा के कटाव को रोकने के लिए पूर्व में 12 स्टड बांध बनाए गए थे। इनमें से चार स्टड बांध गंगा की तेज धार और कटाव की चपेट में आकर ध्वस्त हो चुके हैं। शेष स्टड बांधों पर भी नदी के पानी का दबाव बना हुआ है। लगातार हो रहे कटाव के कारण आसपास की जमीन नदी में समाती जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार बचाव कार्य होने के बाद भी कटाव की समस्या स्थायी रूप से खत्म नहीं हो सकी है। गोला मढ़ी आश्रम के आसपास भी जमीन तेजी से कट रही है। आश्रम भवन तक पानी पहुंचने की आशंका को देखते हुए विभाग ने तत्काल बचाव कार्य शुरू कराया है। आश्रम में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है।
विभागीय कर्मचारी और मजदूर कटाव प्रभावित हिस्से में बाढ़रोधी सामग्री डालकर किनारे को सुरक्षित करने में जुटे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नदी की धार लगातार दिशा बदल रही है। ऐसे में केवल स्टड बांध बनाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा। कटान रोकने के लिए नदी की धारा को नियंत्रित करने और संवेदनशील स्थानों पर मजबूत सुरक्षा कार्य कराने की जरूरत है।
किशोल किलोनी क्षेत्र में कटाव की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। गोला मढ़ी आश्रम के पास कटाव बढ़ने पर बचाव कार्य शुरू करा दिया गया है। आश्रम को एहतियातन खाली कराया गया है। क्षतिग्रस्त स्टड बांधों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी आवश्यकतानुसार बचाव कार्य कराया जा रहा है।
