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कासगंज डबल मर्डर: परिजनों ने शवों के अंतिम संस्कार से किया इनकार, हत्यारों के एनकाउंटर की मांग

By Suman Kumar Edited By: Prateek Gupta
Published: Wed, 15 Jul 2026 10:19 PM (IST)

कासगंज के कादरगंज पुख्ता गांव में महिला और साधु की हत्या के बाद परिजनों ने शवों का अंतिम संस्कार करने ...और पढ़ें

ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करती पुलिस।

ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करती पुलिस।

जागरण संवाददाता, कासगंज। थाना सिकंदरपुर वैश्य क्षेत्र के गांव कादरगंज पुख्ता में महिला और साधु की हुई हत्या के बाद दोनों के शव बुधवार शाम गांव पहुंचने के बाद स्वजन ने अंतिम संस्कार से इंकार कर दिया। साधु का शव गांव के बाहर यात्रीशेड में रख लिया और महिला का शव वहां से 500 मीटर दूर गांव में अंदर घर पर रख दिया।

दोनों के स्वजन ने मांग की कि आरोपितों पर बुलडोजर और एनकाउंटर की कार्रवाई हो, तब ही अंतिम संस्कार करेंगे। रात को मौके पर पुलिस एवं प्रशासनिक अमला पहुंच गया और ग्रामीणों को समझाने-बुझाने की कोशिश की गई, पर ग्रामीण कार्रवाई पर अड़े हुए थे।

गांव कादरगंज पुख्ता की रहने वाली 48 वर्षीय मीना देवी ने गांव के ही सद्दाम को 1.85 लाख रुपये उधार दिए थे, जो वापस लेने के लिए गईं थीं। इसके बाद वापस नहीं लौटीं। सद्दाम और उसके साथी आफताब, सादाब और शोएव ने हत्या करके महिला का शव गंगा में फेंक दिया। यह शव मंगलवार को ग्रामीणों द्वारा लगाए गए जाम के दौरान गंगा में मिला था।

उधर साधु भाय सिंह निवासी कादरगंज पुख्ता का शव उनकी झोंपड़ी में मिला जो अधजला था। साधू के गले में गमछे का फंदा भी लगा हुआ था। दोनों मृतकों के स्वजन यह आरोप लगा रहे थे कि साधु ने आरोपितों को देख लिया था, इसलिए उनकी हत्या कर दी। हालांकि महिला की हत्या का मुकदमा नामजद दर्ज हुआ। साधु के मामले में अज्ञातों के विरुद्ध तहरीर दी गई।

बुधवार को दोनों के शवों का पोस्टमार्टम किया गया और फिर एक-एक कर शव गांव भिजवाए गए। उधर मंगलवार रात करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने फेसबुक पर एक पोस्ट किया और कादरगंज पहुंचने का आह्वान किया। बजरंग दल के कई कार्यकर्ता गांव में पहुंच गए। मामला दो अलग-अलग समुदायों से जुड़ा होने के कारण तनाव जैसी स्थिति बन गई।

इधर भारी तादात में पुलिस फोर्स गांव में भेज दिया गया और नाकेबंदी कर दी गई। अधिकारियों ने दोनों मृतकों के स्वजन को समझाने-बुझाने की कोशिश की, मगर वे देर तक अंतिम संस्कार करने से इंकार करते रहे। उनकी यही मांग है कि आरोपितों का एनकाउंटर किया जाए और बुलडोजर की कार्रवाई हो। यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।

एक आरोपित को पुलिस ने सोमवार को उठा लिया था, जिसकी निशानदेही पर घटना का पर्दाफाश हुआ। लोग साधू और महिला की हत्या की कड़ियां जोड़ रहे हैं।

अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार, एसडीएम आशीष कुमार, सीओ पटियाली अमित कुमार सहित पुलिस प्रशासन के कई अधिकारी मौके पर पहुंच गए। सीओ अमित कुमार ने बताया कि महिला के स्वजन की तरफ से मुकदमा दर्ज किया जा चुका है, यही ग्रामीणों को समझाया जा रहा है। जो भी आरोपित शेष बचे हैं उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।