कासगंज, संवाद सहयोगी: मुख्यमंत्री ने अवैध वाहन स्टैंड हटाने को 48 घंटे का समय दिया है। समय गुजर चुका है, लेकिन शहर में पूरी तरह सख्ती दिखाई नहीं दी। कुछ जगह जरूरत सख्ती का असर दिखाई दिया, लेकिन अधिकांश जगह वाहन चालकों की मनमानी हावी रही। जिले में कहीं भी कोई सरकारी वाहन स्टैंड निजी वाहन खड़े करने के लिए नहीं है, हालांकि अब व्यवस्था बनाने के लिए भूमि की तलाश की जा रही है। इधर, दावा किया जा रहा है कि अवैध स्टैंड हटवा दिए गए हैं। बिलराम गेट छर्रा बस अड्डा

यहां सड़क पर ही निजी बसें शुक्रवार को भी खड़ी हुईं। सड़क पर ही चालक-परिचालक सवारियां बैठाते नजर आए। उन्हें पुलिस की कार्रवाई का कोई खौफ नहीं था। इधर पुलिस ने भी उन पर कोई कार्रवाई नहीं की। जिससे उनके हौसले और भी बुलंद है। अशोकनगर आटो स्टैंड

अशोकनगर में जिला अस्पताल के सामने अवैध रूप से बने आटो स्टैंड से शुक्रवार को आटो हटा लिए गए। यहां कार्रवाई की चेतावनी के बाद आटो नहीं खड़े थे, लेकिन एक दो आटो चालक सवारियां लेने के लिए वहां पहुंचे। आटो हट जाने से लोग गंतव्य की ओर जाने के लिए इंतजार करते हुए देखे गए। नदरई गेट आटो स्टैंड

यहां एआरटीओ राजेश राजपूत और यातायात प्रभारी गणेश चौहान अभियान चलाते नजर आए। आटो हटवा दिए गए। चेतावनी दिया दी गई कि यदि यहां फिर आटो खड़े किए तो आटो सीज कर दिया जाएगा। उसके अलावा और भी विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस सख्ती के बाद यहां से भी आटो हटाए गए। आंकड़े की नजर से

- 11 वाहन अवैध स्टैंड पर मिलने पर किए गए सीज

- 10 वाहनों के चालान काट कर दी गई चेतावनी यह है वाहनों की स्थिति

-221 निजी बसें हैं जिले में

-1940 आटो रिक्शा हैं पंजीकृत जगह चिह्नित करने के लिए बनेगी कमेटी

डीएम हर्षिता माथुर ने अवैध वाहन स्टैंड हटाए जाने के लिए अभियान चलाने के साथ ही आटो एवं निजी वाहन खड़े करने के लिए जगह तलाशने के निर्देश दिए हैं। एआरटीओ के नेतृत्व में एक कमेटी बनेगी। संभवत शनिवार से वाहन स्टैंड बनाने के लिए जमीन तलाशी जाएगी। अभियान चलाकर अवैध वाहन स्टैंड हटवा दिए गए हैं। यदि कोई वाहन चालक मनमाने ढंग से अवैध वाहन स्टैंड पर वाहन खड़ा करेगा। तो वाहन सीज कर दिया जाएगा और जुर्माना लगाया जाएगा।

राजेश राजपूत, एआरटीओ

Edited By: Jagran