कासगंज, जेएनएन। मकर संक्रांति पर्व सोमवार को मनाया गया। ¨हदू धर्मलांबियों ने दान कर जरूरतमंदों ब्रम्हणों और निर्धनों को खाद्य सामग्री वस्त्र आदि वितरित किए और पुण्य लाभ कमाया। गंगा घाटों पर पहुंचे श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान किया। दान दक्षिणा देकर पुण्य लाभ कमाया। जगह जगह भंडारे खिचड़ी भोग और कंबल वितरित किए गए।

वैसे तो मकर संक्रांति पर्व 14 जनवरी को मनाया जाता रहा है, लेकिन विगत तीन वर्षो से इस पर्व को लेकर भ्रांति रही है और मतभिन्नता के चलते पर्व 15 जनवरी को मनाया जाता है। सोमवार को धर्मावलंबियों ने संक्रांति पर्व मनाया। पर्व पर तिल, गुड़ वस्त्र आदि दान करने का महत्व है। घरों में महिलाओं ने गुड़ से बने पदार्थों को बनाया और उन्हें दान किया। तिल से बनी गजक, लड्डू आदि की दर्जनों अस्थाई दुकानें सजाई गई। जिन पर लोगों की भीड़ लगी रही। मकर संक्रांति पूर्व की संध्या रविवार से ही सैंकड़ों की संख्या में लोग कछला गंगा नदी, लहरा एवं हरिपदी गंगा के घाट पहुंच गए थे। सुबह की पहली किरण के साथ ही गंगा में डूृबकी लगाई। सूर्य को अ‌र्घ्य दिया। गंगा मां का पूजन किया और फिर कुष्ठ रोगियों, निर्धनों को भोजन कराया। दान दक्षिणा देकर पुण्य लाभ कमाया।

शहर में विभिन्न इलाकों में भंडारे लगाए गए और खिचड़ी भोग हुए। मुहल्ला जयजयराम गली अट्टा वाली स्थित शिव मंदिर पर धाíमक आयोजन हुए। आयोजन के बाद भंडारा हुआ। शहर के अलावा कस्बाई इलाकों में भी पर्व हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया। सहावर में माता गमा देवी मंदिर परिसर में जन सेवा समिति ने वस्त्र मिठाई और खिचड़ी वितरण की। इस मौके पर दिलीप पाठक, राकेश कुमार, प्रजापति, अभिषेक कुमार, कुलदीप कुमार, दीपक कुमार सैनी, अभिषेक कुमार मिश्रा, गौरव कुमार, अजहर बेग आदि मौजूद रहे। अमांपुर में पंचायत अध्यक्ष चांद मियां ने एवं थानाध्यक्ष मुकेश सोलंकी ने निर्धनों और असहायों को कंबल वितरित किए। इस मौके पर बड़ी संख्या में पंचायत कर्मी और पुलिस कर्मी मौजूद रहे।

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