कासगंज: कछला घाट पर गंगा मार रही फिर उफान, बैराजों छोड़े पानी का बढ़ने लगा दबाब
अतिवर्षा और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के कारण कासगंज के कछला घाट पर गंगा नदी का जलस्तर तेजी ...और पढ़ें

कासगंज में कछला घाट पर बढ़ता गंगा का जलस्तर।
जागरण संवाददाता, कासगंज। अतिवर्षा और बैराजों से छोडे जा रहे पानी से कछला गंगा नदी पर पानी का दबाब बढता जा रहा है। बीते 24 घंटे में कछला गंगा नदी में 6़1 मीटर पानी की वृद्धि हुई है। सोमवार को पानी का गैज बढकर 161.58 मीटर तक जा पहुंचा है। किसी भी संभावना के चलते जिला प्रशासन मुस्तैदी बनाए हुए है।
बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर ड्यूटियां लगाई गई हैं। जिला मुख्यालय पर बनाए गए कंट्रोल रुम गंगा के जलस्तर पर नजर बनाए हुए है। प्रति वर्ष जिला बाढ़ की चपेट में आता है। गंगा के तटवर्ती 153 गांव बांढ से प्रभावित होते हैं। जिले में भले ही अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है।
गंगा नदी भी खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही है, लेकिन बैराजों से निरंतर हो रहा पानी का डिस्चार्ज गंगा नदी पर दबाब बना रहा है। गंगा नदी में पानी बढ़ता जा रहा है। गंगा में बडते जलस्तर को लेकर जिला प्रशासन एंव सिचाई विभाग ने सजगता बड़ा दी है।
जिलाधिकारी प्रणय सिंह के निर्देश पर सिचाई विभाग ने बाढ़ चौकियां स्थापित कर उन पर ड्यूटियां लगा दी गई हैं। जिला मुख्यालय पर बाढ़ कंट्रोल रुम बनाया गया है।जिस पर सभी चौकियों से पानी के स्तर की जानकारी साझा की जा रही है।
बरौना और कादरगंज पर विशेष निगरानी
पटियाली क्षेत्र में गांव बरौना और कादरगंज के निकट बह रही गंगा नदी में बडते जलस्तर के चलते विशेष निगरानी बरती जा रही है। जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने पटियाली के एसडीएम सुशांत संवारे को निगरानी के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए हैं।
जिले में बनाई गई 17 बाढ़ चौकियां
जिले में बाढ़ से सोरों, सहावर, गंजडुंडवारा, पटियाली क्षेत्र के गांव प्रभावित होते हैं। कुल 17 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। कासगंज तहसील क्षेत्र में छह, पटियाली में नौ, सहावर में दो चौकियां स्थापित की गई हैं।
