जासं, कासगंज: गंगा का पानी सिमटने के साथ ही संक्रामक रोगों ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। तीन दिन में तीन लोगों की मौत हो चुकी हैं। एक महिला पानी में बह गई है। बड़ी संख्या में लोग बीमार हैं। परिजनों की आंखों से अश्रुधारा बह रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें क्षेत्रों से नदारद हैं।

दो दिन पहले कटरी क्षेत्र के एक गांव में बीमारी से बालक की मौत हुई थी। शुक्रवार को ग्राम राजेपुर कुर्रा में 30 साल की महिला सुनीता की बुखार आने के बाद मौत हो गई। शनिवार को इसी गांव में तीन साल के अनूप पुत्र रामलड़ेते ने कई दिन बुखार आने के बाद दम तोड़ दिया। शनिवार को ही पटियाली क्षेत्र के गांव बरोना में शौच को गई सर्वेश पत्नी रोशन लाल बाढ़ के पानी में बह गई, वह लापता है।

बाढ़ के बाद से खान-पान के साथ पशुओं के चारे की भी किल्लत है। वहीं कटरी में संक्रामक रोग फैल रहे हैं। घर-घर चारपाई बिछ गईं हैं। स्वास्थ्य विभाग भले ही जांच व दवा वितरण का दावा कर रही हों लेकिन हर रोज हो रही मौतें विभाग की तैयारियों की पोल खोलने के लिए काफी हैं। जांच के नाम पर खानापूर्ति

स्वास्थ्य टीमें हवाहवाई हैं। राजेपुर कुर्रा के राम ¨सह कहते हैं कि एक डाक्टर साहब आए थे, कुछ दवाएं देकर चले गए। कोई जांच नहीं की है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने के निर्देश स्वास्थ्य टीमों को दिए हैं। मैं भी निरीक्षण के लिए निकल रहा हूं। कहीं लापरवाही हुई तो कार्रवाई होगी।

नरेंद्र कुमार, सीएमओ

Posted By: Jagran