कासगंज , संवाद सहयोगी: जिले में बुखार का कहर जारी है। 65 वर्षीय वृद्ध की डेंगू से मौत हो गई। इसी के साथ जिले में बुखार से मरने वालों की संख्या 107 हो गई है। डेंगू पीड़ित छह लोगों समेत बुखार के 59 रोगी मिले हैं। बुखार की रोकथाम को स्वास्थ्य के प्रयास विफल हैं।

28 अगस्त को जिले में बुखार ने दस्तक दी थी। डेंगू से पटियाली के मुहल्ला काजी एवं गांव गनेशपुर में मौत हुईं थीं। इसी के साथ शुरू हुआ बुखार से मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। कासगंज विकास खंड के गांव टीकमपुरा निवासी 65 वर्षीय शंकर लाल पुत्र गोपाल सिंह को लगभग एक पखवाड़े पूर्व बुखार आया था। जांच में वह डेंगू पाजिटिव पाए गए थे। उनका उपचार शहर में निजी चिकित्सक के यहां हुआ। लाभ न मिलने पर स्वजन आगरा ले गए। आगरा में भी कई दिन तक उपचार चलता रहा, लेकिन वृद्ध की हालत नहीं सुधरी और बिगड़ती गई। उसे दिल्ली रेफर किया गया। स्वजन गुरुग्राम ले गए। वहां उपचार के दौरान शनिवार देर रात उनकी मौत हो गई। रविवार को उनका शव गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। जिले में अब तक डेंगू सहित बुखार से 107 मौतें हो चुकी हैं। इतनी मौत हो जाने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग का आंकड़ों में मौत आज भी शून्य है। जिले में छह डेंगू सहित 59 बुखार के रोगी मिले हैं। लोग स्वस्थ्य भी हो रहे हैं। मुहल्ला जय-जयराम निवासी राकेश की पत्नी गीता अलीगढ़ उपचार करा रही थी। वह डेंगू से पीड़ित थी। रविवार को सुबह स्वस्थ्य होकर वापस लौटी हैं। जिले में बुखार रोगियों की संख्या घट रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें निरंतर बुखार प्रभावित गांवों में पहुंचकर रोगियों को स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाएं दे रही हैं। जिला अस्पताल में लक्षण के आधार पर रोगियों की जांच की जा रही है। लोग बुखार आने पर सरकारी अस्पतालों में ही दिखाएं।

- डा. अनिल कुमार, सीएमओ

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