कासगंज, संवाद सहयोगी: नशे की लत धीमे-धीमे युवा पीढ़ी में तेजी के साथ बढ़ती जा रही है। बेहतर भविष्य संकट में है। चिता इस बात की है कि नशे की लत से युवा पीढ़ी बर्बाद न हो जाए, हालांकि तमाम समाजसेवी जिले में नशा मुक्ति के लिए समय-समय पर पहल करते रहते हैं, लेकिन तब भी नशे की लत बढ़ रही है। इधर कुछ समाजसेवियों की पहल रंग भी ले आई है और लोग नशे की लत से बचने लगे हैं। नशा शारीरिक नुकसान ही नहीं करता बल्कि आर्थिक और मानसिक नुकसान पहुंचाता है। सबसे बड़ा नुकसान होता है सामाजिक छवि खराब होना। जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती। इसलिए नशे की लत से बचना चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए।

सरोज बहन, संचालिका ब्रह्माकुमारीज विश्वविद्यालय ऐसा नहीं कि नशा नहीं करना चाहिए। नशा करिए, नशा शिक्षा का करिए, नशा प्रतिभा निखार का करिए। हमारी युवा पीढ़ी को बेहतर भविष्य के नशे में चूर रहना चाहिए। जो नशा हमें सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर कर दे उस नशे से दूर रहना चाहिए।

प्रदीप रघुनंदन, संस्थापक राष्ट्रीय युवा शक्ति नशे की लत लोगों को बचाने के लिए युवाओं की एक टीम बनाई और गांव गांव पहुंचकर लोगों को नशे से बचने की सलाह दी। नतीजा रहा कि पड़ोस का ही गांव भैसोरा जहां तमाम लोग शराब का सेवन करते थे। 80 फीसद लोग नशे की लत से दूर हो गए।

बाबी कश्यप, प्रतिनिधि जिला पंचायत अध्यक्ष समाज में नशा एक बड़ी समस्या है। युवा पीढ़ी जब नशे में रहेगी तो उसका भविष्य कैसे बेहतर होगा। हमें नशे की बुराई से बचने की जरूरत है। तभी हम सफलता की ओर आगे बढ़ सकते हैं। हर व्यक्ति को नशे से बचना चाहिए।

डा. सपना अग्रवाल, समाजसेविका

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