कासगंज, संवाद सहयोगी: जिले में गुरुवार को आठ केंद्रों पर कोरोना की वैक्सीन लगाई गई। वैक्सीन की कमी के चलते लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 26 फीसद को ही टीका लगाया जा सका। सीएमओ ने वैक्सीनेशन केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं।

जिले में वैक्सीनेशन के लिए शहर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, अमांपुर, सिढ़पुरा, पटियाली, गंजडुंडवारा, सहावर, सोरों, बिड़ला हास्पिटल को केंद्र बनाया गया। 1200 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित था। इसके सापेक्ष लगभग 26 फीसद लोगों को ही टीका लगाया गया। 110 को कोरोना की पहली डोज लगाई गई। वहीं, 205 लोगों को दूसरी डोज दी गई। कुल 315 लोगों के वैक्सीनेशन किया गया। सीएमओ डा. अनिल कुमार ने बताया कि सभी केंद्रों का निरीक्षण किया है। व्यवस्थाएं सही रही हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीनेशन कराएं। वैक्सीनेशन के बाद नियमों का पालन करें। घर-घर खोजे जा रहे कोरोना संक्रमित

जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना के रोगियों को खोजने के लिए दस्तक अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत स्वास्थ्यकर्मी शहर से लेकर गांव तक घर-घर जाकर लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग कर कोरोना रोगियों की खोज कर रहे हैं। लक्षण मिलने पर उन्हें कोरोना टेस्ट कराने की सलाह दी जा रही है। कोरोना से बचाव करने वाले खाद्य पदार्थों की कीमत बढ़ी

संवाद सहयोगी, कासगंज : कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए इंटरनेट मीडिया पर विशेषज्ञों के टिप्स वायरल हो रहे हैं। लोग उसी के अनुसार अपने खानपान में बदलाव कर रहे हैं। इससे खानपान की उक्त वस्तुओं की कीमतें बेतहाशा बढ़ गई हैं। इनमें नीबू, कीवी, संतरा, प्याज आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं।

कोरोना काल में इंटरनेट मीडिया पर तमाम तरह के सुझाव वायरल हो रहे हैं। लोग इनका पालन भी कर रहे हैं। खाने पीने में संयम बरतने एवं विशेष खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करने की सलाह भी वायरल हो रही है। इनका प्रयोग अधिकांशत: घरों में हो रहा है। साथ ही बाजार में इन वस्तुओं की मांग बढ गई है। इससे उक्त वस्तुओं के भाव में काफी वृद्धि हुई है। इंटरनेट मीडिया पर विशेषज्ञ बताते हैं कि लाल रंग का प्याज लाहोरी नमक के साथ खाने से कोरोना से बचा जा सकता है। नीबू गर्म पानी के साथ पीने, लहसुन कच्चा या भूनकर खाने से भी बचाव होता है। संतरा, चुकंदर एवं कीवी से शरीर को विटामिन सी मिलती है, प्लेटलेट्स बढ़ते हैं और शरीर की इम्युनिटी बढ़ती है। इसके बाद लोगों ने इसी के अनुसार अपने खानपान में बदलाव किया है।