कासगंज, संवाद सहयोगी : कोरोना संक्रमण से जिले में सात और जानें चली गई। जिला अस्पताल में भर्ती पांच लोगों की मौत हुई है। शहर के एक कारोबारी की कोरोना संक्रमित पत्नी ने मिशन हास्पिटल में दम तोड़ दिया। गंजडुंडवारा की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने आगरा के निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। जिले में काल बनकर कर घूम रहा कोरोना संक्रमण प्रतिदिन लोगों को शिकार बना रहा है। मौतों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है।

रविवार रात सोमवार तक जिला अस्पताल में भर्ती कोरोना संक्रमित कल्यान सिंह निवासी गोपालपुर, गीता देवी निवासी नमैनी, प्रदीप कुमार निवासी आवास विकास कालोनी कासगंज, रामा देवी निवासी चित्रगुप्त कालोनी कासगंज एवं शहर की गंगेश्वर कालोनी निवासी कुसमा देवी की मौत हुई है। नदरई गेट निवासी कारोबारी राजेंद्र की पत्नी कोरोना संक्रमित थी और कोविड अस्पताल मिशन में उपचार चल रहा था। रविवार देर रात उनकी मौत हो गई। गंजडुंडवारा के मुहल्ला कैनाल रोड निवासी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बीना पचौरी कोरोना संक्रमित थी। उनका उपचार आगरा के निजी अस्पताल में चल रहा था। आगरा में देर रात अंतिम सांस ली है। शवों का कोरोना प्रोटोकाल के तहत अंतिम संस्कार किया गया है।

रामू की अर्थी को नसीब न हो सका अपनों का कांधा

संवाद सहयोगी, कासगंज : किराए के घर में अकेला रह रहे रामू की मौत हो गई। उसकी अर्थी को कांधा देने के लिए कोई भी अपना नहीं पहुंचा। पड़ोस के लोगों ने पैसे एकत्रित कर भाड़े पर बुलाए लोगों से शव श्मशान तक पहुंचवाया और उसका अंतिम संस्कार कराया। लोगों ने परिवार के भाई एवं भतीजों को खबर की, लेकिन उन्होंने अंतिम दर्शन करने तक से मना कर दिया।

शनिवार की रात नदरई गेट स्थित किराए के घर में सोते समय रामू का मौत हो गई थी। उसका शव रविवार को पूरे दिन वहीं पड़ा रहा। हालांकि मकान मालिक एवं पड़ोस के लोगों ने सूत की मंडी निवासी मृतक के परिवार के भाई एवं भतीजों को इसकी जानकारी दी, लेकिन उन्होंने रामू से संबंध न होने की कहकर पल्ला झाड़ लिया। रविवार देर शाम मकान मालिक पवन साहू, पड़ोस के सीबू गुप्ता, जीतू यादव ने पैसा एकत्रित कर मुहल्ला मोहन वाल्मीकि बस्ती के चार युवकों को अंतिम संस्कार के लिए बुलाया। युवकों ने अर्थी तैयार की मैजिक वाहन से काली नदी के घाट पर ले गए। यहां हिदू रीति रिवाज के साथ उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। रामू के परिवार से जुड़े लोगों की इस हरकत पर लोग उन्हें हेय ²ष्टि से देख रहे है। जबकि आस-पड़ोस के लोगों की सराहना की जा रही है।

Edited By: Jagran